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नोएडा-ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों की सैलरी 21% बढ़ी, 20 हजार वाला मैसेज फर्जी; चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात

Published: Tue, 14 Apr 2026 09:33 AM (IST)Updated: Tue, 14 Apr 2026 10:45 AM (IST)

नोएडा में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के बाद शांति बहाल है और पुलिस अलर्ट पर है। सरकार ने श्रमिकों के ...और पढ़ें

HighLights

  1. नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद शांति, पुलिस अलर्ट पर।

  2. सरकार ने श्रमिकों की मजदूरी में 21% तक की बढ़ोतरी की।

  3. मुख्यमंत्री ने आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेने की अपील की।

डिजिटल डेस्क, नोएडा। श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के अगले दिन मंगलवार को नोएडा के सभी प्रमुख चौराहों पर पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया है। लोगों के एक जगह पर एकत्र होने पर पाबंदी लगी हुई है। सबसे अधिक बढ़ोतरी नोएडा के श्रमिकों के लिए की गई है।

कंपनियों को बंद रखने के आदेश के साथ ही लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। वर्तमान में नोएडा में शांति बनी हुई है। कहीं भी किसी प्रकार की बुरी घटना की कोई खबर नहीं है।

इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक संदेशों पर भी स्पष्टीकरण दिया गया है। सबसे अहम बात यह है कि श्रमिकों की सैलरी बढ़ाने को लेकर जो बातें तय की गई हैं, उससे अब नया मानदेय का आंकड़ा स्पष्ट हो गया है। 

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भ्रामक संदेशों से बनाएं दूरी

दरअसल, सोशल मीडिया पर मैसेज शेयर किया जा रहा है कि  श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये प्रतिमाह तय कर दिया गया है। हालांकि, नियोक्ता (employer) संगठनों ने इसे भ्रामक करार दिया है। 

इस संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया है कि सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार नई श्रम संहिताओं (Labour Codes) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम फ्लोर वेज निर्धारित करने की प्रक्रिया पर काम कर रही है। इसका मकसद देशभर के श्रमिकों को एक समान आधार पर उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित करना है।

राज्य सरकार भी नियोक्ता संगठनों और श्रमिक संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श कर रही है। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का गहन परीक्षण किया जा रहा है, ताकि संतुलित और व्यावहारिक निर्णय लिया जा सके।

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वर्तमान में उत्तर प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी दरें (1 अप्रैल 2026 से प्रभावी)

  • अकुशल श्रमिक: मासिक 11,313.65 रुपये और दैनिक वेतन 435.14 रुपये 
  • अर्धकुशल श्रमिक: मासिक 12,446 और दैनिक वेतन 478.69 रुपये
  • कुशल श्रमिक: मासिक 13,940.37 और दैनिक 536.16 रुपये

ये दरें हाल ही में अधिसूचित की गई हैं। नई श्रम संहिताओं की नियमावली अभी अंतिम रूप से तैयार की जा रही है। गौतमबुद्ध नगर में विरोध प्रदर्शन के बाद प्रदेश सरकार ने श्रमिकों की मजदूरी में एक अप्रैल से 21 प्रतिशत तक की अंतरिम बढ़ोतरी का निर्णय किया है।

गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद के श्रमिकों की मजदूरी (मूल वेतन व मंहगाई भत्ता सहित) सबसे ज्यादा 21 प्रतिशत बढ़ाई गई है। अन्य नगर निगम वाले जिलों में 15 प्रतिशत और शेष जिलों में मजदूरी की अंतरिम दरें लगभग 10 प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय किया गया है।

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वैश्विक चुनौतियों का भी किया जिक्र

सरकार ने यह भी कहा कि उद्योग जगत वर्तमान में वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है। माल की कीमतों में वृद्धि और निर्यात में कमी के साथ श्रमिकों की समस्याएं भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में उद्योग और श्रमिक दोनों पक्षों के बीच सामंजस्यपूर्ण निर्णय लेना जरूरी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों और औद्योगिक इकाइयों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें। सरकार श्रमिकों के कल्याण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। 

मुख्यमंत्री ने नियोजक संगठनों से भी अपील की है कि वे श्रमिकों को नियमानुसार वेतन, ओवरटाइम, साप्ताहिक अवकाश, बोनस और सामाजिक सुरक्षा के सभी अधिकार सुनिश्चित करें। कार्यस्थल पर महिला श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए।

सरकार ने अराजक तत्वों द्वारा फैलाई जा रही गैर-कानूनी गतिविधियों की निंदा की है और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सरकार का आश्वासन

उत्तर प्रदेश सरकार नए वेतन संहिता के अंतर्गत वेज बोर्ड (Wage Board) की अनुशंसा (Recommendation) पर जल्द ही न्यूनतम वेतन निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। फिलहाल श्रमिकों से अनुरोध है कि वे भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।

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