नोएडा में भ्रामक सूचनाओं पर श्रम विभाग की सख्ती, कामगारों को मिलेगी सही जानकारी
श्रम विभाग कामगारों को भ्रामक सूचनाओं से बचाने और जागरूक करने में जुट गया है। श्रम आयुक्त सौम्या अग्रवाल ने ...और पढ़ें

नोएडा में भ्रामक सूचनाओं पर श्रम विभाग की सख्ती ( फोटो स्रोत : जागरण )
HighLights
भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।
कामगारों को सही और प्रभावी जानकारी दी जाएगी।
त्योहारों में औद्योगिक शांति बनाए रखने पर जोर।
जागरण संवाददाता, नोएडा। औद्योगिक नगरी में कामगारों को भ्रामक सूचनाओं से बचाने और जागरूक करने के लिए श्रम विभाग जुट गया है। भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों पर सख्त विभागीय कार्रवाई होगी।
सोमवार को प्रदेश की श्रम आयुक्त सौम्या अग्रवाल ने सेक्टर-3 स्थित अपर श्रम आयुक्त कार्यालय का निरीक्षण कर दस्तावेजों का अवलोकन किया।
त्योहारों में बनी रहे शांति
बैठक में उन्होंने जन-सामान्य की शिकायतों का समयबद्ध व संतोषजनक निस्तारण करने और छोटे विवादों को अनदेखा न करने के निर्देश दिए, ताकि त्योहारी सीजन में औद्योगिक शांति बनी रहे।
बीते दिनों दैनिक जागरण का मास्टहेड लगाकर कामगारों के बोनस से संबंधित फर्जी खबर तैयार कर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित की गई थी। इसके बाद दैनिक जागरण की ओर से सेक्टर-63 स्थित थाने में संबंधित इंटरनेट मीडिया हैंडलर्स के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया।
प्रभावी जानकारी के लिए दिया गया निर्देश
वहीं, श्रम आयुक्त ने बैठक में सभी अधिकारियों को कामगारों के बीच जाकर सही और प्रभावी जानकारी देने के लिए निर्देशित किया है। उप निदेशक, कारखाना कार्यालय का निरीक्षण कर निवेश मित्र पोर्टल से प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण करने के लिए कहा गया है।
श्रम आयुक्त ने ग्रेटर नोएडा की मेसर्स एलजी इलेक्ट्रानिक्स इंडिया लिमिटेड, उद्यमियों व उनके संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया। श्रम आयुक्त ने किसी भी तरह की भ्रामक सूचनाएं कामगारों तक न पहुंचने के लिए निरंतर सीधा संवाद करने पर बल दिया।
बैठक में अपर श्रम आयुक्त, उप निदेशक कारखाना, सहायक श्रम आयुक्त, सहायक निदेशक कारखाना एवं श्रम प्रवर्तन अधिकारियों ने भाग लिया।
यह है मामला
बीते दिनों दीपावली पर कामगारों को 5100 रुपये और एक माह के वेतन के बोनस का कोई अदालती आदेश न होने के बावजूद कुछ अराजक तत्वों ने एआई की मदद से दैनिक जागरण के मास्टहेड और प्रतीक चिह्न का दुरुपयोग करते हुए फर्जी खबर तैयार कर दी।
इसके बाद इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक सामग्री प्रसारित कर जिले का माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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