नोएडा में ई-सिटी बसों का बदलेगा रूट, Noida Airport समेत 20 मार्गों का सर्वे शुरू; घाटे वाले रास्ते होंगे बंद
उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम नोएडा में ई-सिटी बसों के रूटों का सर्वे करेगा, ताकि यात्रियों की वास्तविक मांग के अनुसार नए रूट तय किए जा सकें।

नोएडा में ई बसों का रूट बदलेगा। फोटो: जागरण
HighLights
ई-सिटी बसों के रूटों का फिर से होगा सर्वे
वास्तविक मांग के अनुसार नए रूट तय किए जाएंगे
घाटे वाले मार्गों को बंद कर उच्च मांग वाले क्षेत्रों को जोड़ेंगे
जागरण संवाददाता, नोएडा। सेक्टर-90 डिपो से जवेर एयरपोर्ट तक संचालित ई-सिटी बसों का रूट फिर से तय होगा। इसके लिए सर्वे होगा। यात्रियों की वास्तविक मांग और जरूरत के हिसाब से नए रूट तय होंगे।
उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने नोएडा में सिटी बस सेवा के नेटवर्क को पूरी तरह री-मॉडल करने की योजना बनाई है। इसके तहत सभी मौजूदा मार्गों का सर्वे शुरू किया गया है।
सर्वे के नतीजों के आधार पर घाटे वाले मार्गों को बंद या छोटा किया जाएगा, जबकि नए और उच्च मांग वाले इलाकों को ई-बस सेवा से जोड़ा जाएगा।
वर्तमान में नोएडा में लगभग 20 से अधिक तय रूटों पर ई-सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन इनमें से कई मार्गों पर राजस्व उम्मीद के बेहद विपरीत है।
हर रूट पर राइडरशिप का सर्वे हो रहा
डिपो प्रबंधन के आंतरिक आकलन के अनुसार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट वाले रूटों पर बसों को यात्री मिल रहे हैं, जिससे यह मार्ग आर्थिक रूप से सफल साबित हो रहा है।
इसके ठीक उलट, शहर के कई पारंपरिक मार्गों पर बसें अंतिम गंतव्य तक पहुंचते-पहुंचते खाली हो जाती हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए परिवहन निगम ने जमीनी स्तर पर यात्रियों की संख्या और बसों की उपलब्धता का सटीक विश्लेषण शुरू किया है।
सर्वे टीम हर रूट पर दिनभर की राइडरशिप रिकॉर्ड तैयार कर रही है। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि किस समय और किस बस स्टाप पर यात्रियों की भीड़ सबसे अधिक रहती है। साथ ही, शहर के उन नए विकसित रिहाइशी और औद्योगिक क्षेत्रों को को चिह्नित किया जा रहा है
नए मार्गों का तैयार होगा विस्तृत प्रस्ताव
सर्वे की प्रक्रिया पूरी होते ही एक उच्चस्तरीय प्रस्ताव तैयार कर लखनऊ मुख्यालय भेजा जाएगा। इसमें कम राइडरशिप वाले मार्गों पर फेरे घटाने, उनके रूट डायवर्ट करने या उन्हें नए उभरते क्षेत्रों से जोड़ने के बदलाव शामिल होंगे।
आर्थिक मजबूती- बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर
योजना का मुख्य उद्देश्य बस संचालन को आर्थिक रूप से व्यावहारिक और मजबूत करना है। जिन रूटों पर यात्रियों का रुझान कम है, वहां बसों की संख्या कम हो सकती है। वही बसें उन रूटों पर तैनात होंगी जहां यात्रियों को इंतजार रहता है।
सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को आत्मनिर्भर और जन उपयोगी बनाना डिपो की प्राथमिकता है। संचालन में सुधार एक सतत प्रक्रिया है, और दोबारा होने वाले सर्वे का लाभ यात्रियों को बेहतर कनेक्टविटी के रूप में मिलेगा।
- राजेश कुमार, एआरएम, ई-बस डिपो
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