नोएडा में दिखेगी ग्रामीण बंगाल की अनोखी झलक, दुर्गा पूजा के लिए तैयार हो रहा पारंपरिक पंडाल
नोएडा में शारदीय नवरात्र के दौरान दुर्गा पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। सेक्टर-26 स्थित नोएडा कालीबाड़ी में इस बार ग्रामीण बंगाल की संस्कृति पर आधारित पंडाल सजेगा।
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सेक्टर-26 स्थित नोएडा कालीबाड़ी, जागरण।
HighLights
ग्रामीण बंगाल की थीम पर सजेगा नोएडा कालीबाड़ी पंडाल।
मां दुर्गा की प्रतिमा पारंपरिक डाकेर साज शैली में।
16 अक्टूबर से शुरू होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम और अनुष्ठान।
जागरण संवाददाता, नोएडा। शारदीय नवरात्र में शहर के मंदिरों और दुर्गा पूजा पंडालों में मां दुर्गा की आराधना की तैयारियां तेज हो गई हैं। नवरात्र के तीसरे दिन शहर के मंदिरों में भक्तों ने मां चंद्रघंटा का पूजन और दर्शन किया।
वहीं सेक्टर-26 स्थित नोएडा कालीबाड़ी में दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियां भी अंतिम चरण पर पहुंच गई है। पूजन के दौरान श्रद्धालुओं को इसबार ग्रामीण बंगाल की संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिलेगी।
ग्रामीण बंगाल की थीम पर सज रहा पंडाल
नोएडा बंगाली कल्चरल एसोसिएशन (एनबीसीए) की ओर से आयोजित 44वें दुर्गा पूजा महोत्सव के लिए पंडाल को पश्चिम बंगाल के ग्रामीण इलाकों में बने पारंपरिक कच्चे घरों की थीम पर तैयार किया जा रहा है। पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा पारंपरिक डाकेर साज शैली में स्थापित की जाएगी।
इस बार समिति ने बंगाल की जड़ों से जुड़ी ग्रामीण जीवनशैली को थीम बनाया है। मिट्टी की दीवारों और पारंपरिक कच्चे घरों की बनावट के जरिये नई पीढ़ी को बंगाल की ग्रामीण संस्कृति से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है। पंडाल निर्माण में पश्चिम बंगाल और कोलकाता से आए कलाकार व कारीगर जुटे हैं।
16 अक्टूबर से शुरू होंगे आयोजन
महोत्सव का उद्घाटन 16 अक्टूबर की शाम षष्ठी पूजा के साथ होगा। इसके बाद सप्तमी से विजयादशमी तक धार्मिक अनुष्ठान, पुष्पांजलि और प्रसाद वितरण किया जाएगा।
चार प्रमुख पूजा दिनों में श्रद्धालुओं को पारंपरिक खिचड़ी भोग भी वितरित किया जाएगा। अष्टमी और नवमी पर ढाक की गूंज के बीच धुनुची नृत्य आकर्षण का केंद्र रहेगा। दशमी पर सिंदूर खेला और मां दुर्गा की विदाई के लिए विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा।
बंगाली संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां
दुर्गा पूजा के दौरान हर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें रवींद्र संगीत, लोक एवं समकालीन संगीत, शास्त्रीय और लोक नृत्य तथा नाट्य प्रस्तुतियां शामिल होंगी। बच्चों के लिए चित्रकला, कविता पाठ, गायन, गो ऐज यू लाइक, रंगोली और अल्पना जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। परिसर के आसपास विभिन्न व्यंजनों के स्टाल भी लगाए जाएंगे।
