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नोएडा के उद्योगों के लिए राहत, बड़े भूखंडों पर सहयोगी इकाइयों की स्थापना आसान; सरकार ने दी 'सब-लीज' को हरी झंडी

Published: Tue, 13 Oct 2026 02:41 PM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी औद्योगिक इकाइयों को भूखंड सब-लीज करने की अनुमति दी है, जिससे छोटी सहयोगी इकाइयों की स्थापना आसान होगी।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

HighLights

  1. प्रदेश सरकार ने भूखंड सब-लीज की अनुमति दी।

  2. बड़ी इकाइयों के साथ छोटी सहयोगी इकाइयां विकसित होंगी।

  3. औद्योगिक विकास और उत्पादन दक्षता में वृद्धि होगी।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। बड़ी औद्योगिक इकाइयों के साथ छोटी इकाइयों का ईकोसिस्टम विकसित हो सकेगा। प्रदेश सरकार ने छोटी इकाईयों के निर्माण के लिए भूखंड की सबलीज की अनुमति देने निर्माण लिया है। प्रदेश सरकार के इस निर्णय छोटे उद्योगों की स्थापना को गति मिलेगी। बड़ी इकाइयों के साथ ही सहयोगी इकाई विकसित होने से उत्पादन दक्षता बढ़ेगी।

प्रदेश में औद्योगिक निवेश तेजी से हो रहा है। बड़े औद्योगिक निवेश के लिए शासन या प्राधिकरण स्तर पर मिले प्रस्तावों को पूंजी निवेश, रोजगार आदि मानकों पर जांच के बाद भूखंड आवंटित किया जाता है, लेकिन छोटी इकाइयों के लिए भूखंड आवंटन में नीलामी की नीति लागू है। इस वजह से बड़े उद्योगों की सहयोगी छोटी इकाइयों की स्थापना चुनौतीपूर्ण हो गई है। 

सहयोगी इकाइयों का ईकोसिस्टम विकसित होने से होंगे क्या फायदे?

सहयोगी इकाइयों का ईकोसिस्टम विकसित न होने से बड़ी इकाइयों के लिए पूरी उत्पादन क्षमता के साथ काम करना मुश्किल हो रहा है। प्रदेश सरकार ने भूखंड की सब लीज की अनुमति का फैसला कर इन इकाइयों का ईको सिस्टम विकसित करने में मदद मिलेगी।

हाल ही में एचसीएल व फॉक्सकॉन की संयुक्त कंपनी इंडिया चिप प्रा. लि. ने सेक्टर 28 में आवंटित 48 एकड़ भूखंड में 24 एकड़ में एसडीजेड विकसित करने और सहयोगी इकाइयों के लिए भूखंड सब लीज की अनुमति यीडा से मांगी थी। लेकिन प्रदेश सरकार के निर्णय से आवंटित बड़े भूखंड के कुछ हिस्से की सब लीज सहयोगी कंपनियों को हो सकेगी।

इससे बड़ी इकाइयों के साथ उनकी सहयोगी इकाइयां भी साथ साथ विकसित हो सकेंगी। उद्योगों को समय पर सहयोगी इकाइयों जरूरी उत्पाद मिल सकेंगे। इससे उनकी दक्षता में वृद्धि होगी। वहीं नीलामी नीति लागू होने के कारण छोटी इकाइयों के लिए भूखंड आवंटन की मुश्किल भी हल हो जाएगी।

YEIDA सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि बड़ी इकाइयों के साथ छोटी इकाइयों का ईको सिस्टम विकसित होने से उद्योगों को फायदा होगा। शासनादेश मिलने के बाद प्राधिकरण उसके अनुरूप कार्रवाई करेगा।

पतंजलि समूह को पहले मिल चुकी है सब लीज की अनुमति

प्रदेश सरकार ने पूर्व में पतंजलि समूह को भी भूखंड की सब लीज की अनुमति दी थी। इसके तहत कंपनी काे सेक्टर 24ए में 430 एकड़ जमीन आवंटित में से 20 प्रतिशत जमीन की सब लीज की अनुमति दी गई थी।

कंपनी को केवल खाद्य एवं प्रसंस्करण, कृषि उत्पाद से संबंधित इकाइयों को ही भूखंड की सब लीज करने की शर्त के साथ ही यीडा की प्रचलित दरों पर ही भूखंड की बिक्री की अनुमति दी गई।

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