West UP के बाल मरीजों को बड़ी राहत, नोएडा चाइल्ड पीजीआइ में बढ़ेंगे 10 वेंटिलेटर बेड
नोएडा के चाइल्ड पीजीआई में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाल मरीजों के लिए वेंटिलेटर बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी। प्रबंधन ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
नोएडा चाइल्ड पीजीआई में 10 वेंटिलेटर बेड बढ़ाने का प्रस्ताव।
पश्चिमी यूपी के बाल मरीजों को अब वेंटिलेटर इलाज मिलेगा।
एनआईसीयू में कुल 20 वेंटिलेटर बेड की सुविधा होगी।
जागरण संवाददाता, नोएडा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाल मरीजों को अब वेंटिलेटर पर इलाज के लिए दिल्ली के हायर सेंटर या प्राइवेट अस्पताल में चक्कर काटकर ज्यादा पैसे नहीं देने होंगे।
नोएडा सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई में प्रबंधन ने एनआइसीयू (नीकू) में दस और वेंटिलेटर बेड बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के लिए शासन भेज दिया गया है।
वहां से मंजूरी मिलने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। हालांकि, प्रबंधन ने नीकू के बराबर में ब्लड बैंक को दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम शुरू करा दिया है।
कई राज्यों से आते हैं लोग
चाइल्ड पीजीआइ में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश और बंगाल और अन्य राज्यों से गंभीर बीमारी के बच्चे इलाज के लिए नोएडा आते हैं। कई बार उन्हें पीजीआइ में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं मिलने से प्राइवेट अस्पताल या फिर दिल्ली के हायर सेंटर में जाना पड़ता है।
नीकू वार्ड में कम जगह के चलते दस वेंटिलेटर के साथ संचालित कर रहा था। मगर अब प्रबंधन ने पहले तल पर नेत्र रोग विभाग को भूतल पर शिफ्ट कर ब्लड बैंक को उसकी जगह ले जाने की रणनीति तैयार की है।
पीजीआइ निदेशक प्रो डा. अरूण कुमार सिंह का कहना है कि नेत्ररोग विभाग और ब्लड बैंक से आधुनिक मशीनों को शिफ्ट करने के लिए दिल्ली व प्रदेश की टीम निरीक्षण कर मंजूरी देगी। इसके बाद गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीजों को इलाज देने के लिए नीकू में वेंटिलेटर युक्त दस बेड बढाने का काम तेजी से शुरू होगा।
इसी के साथ बाल मरीजों को यहां 20 वेंटिलेटर युक्त बेड पर इलाज की सुविधा मिलेगी। इसी के साथ चिकित्सक और स्टाफ की नियुक्ति भी होगी। सभी महत्वपूर्ण प्वाइंट पर प्रस्ताव तैयार कर शासन से मंजूरी मांगी गई है।
मेंटेनेंस के लिए पास हो चुका है 27 करोड़ का बजट
वहीं पीजीआइ की बिल्डिंग मेंटेनेंस के लिए शासन से 27 करोड़ का बजट पास हो चुका है। अब प्रबंधन ने मेंटेनेंस कार्य में तेजी लाने के लिए शासन से दूसरी किस्त में दस करोड़ रुपये देने के लिए पत्र लिखा है।
इससे पहले शासन ने दो करोड़ रुपये की धनराशि जारी की थी, जिससे राजकीय निर्माण निगम की टीम लीकेज और अन्य बिंदुओं पर काम कर रही है।
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