इलाज कैसे चल रहा? GMC बारामूला में 14 में से 13 वेंटिलेटर 9 महीने से खराब, RTI ने खोले सिस्टम के राज
जीएमसी बारामूला में 14 में से 13 वेंटिलेटर पिछले 9 महीनों से खराब पड़े हैं, जिसका खुलासा एक आरटीआई याचिका ...और पढ़ें

जनवरी 2020 से वेंटिलेटर की मरम्मत और रखरखाव पर कोई खर्च नहीं। (फाइल फोटो)
HighLights
जीएमसी बारामूला के 14 में से 13 वेंटिलेटर खराब।
आरटीआई याचिका से हुआ 9 महीने से खराब होने का खुलासा।
पुर्जों की कमी के कारण मरम्मत कार्य में देरी, ऑर्डर दिए गए।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। गवर्नमेंट मेडिकल कालेज (जीएमसी) बारामूला के पीडियाट्रिक्स और नियोनेटोलाजी डिपार्टमेंट में मौजूद 14 वेंटिलेटर में से 13 पिछले 9 महीनों से खराब पड़े हैं। यह जानकारी इनाम-उन-नबी सौदागर की आरटीआई याचिका के जवाब में दी गई थी।
उन्होंने मेडिकल कालेज में वेंटिलेटर की उपलब्धता, खरीद और कामकाज के बारे में जानकारी मांगी थी। जवाब के अनुसार, 14 में से सिर्फ़ एक वेंटिलेटर अभी काम कर रहा है, जबकि बाकी 13 वेंटिलेटर ज़रूरी सामान (कंज्यूमेबल्स) न होने और कुछ पुर्ज़ों को बदलने की ज़रूरत के कारण खराब पड़े हैं।
अस्पताल ने बताया कि 2020 में पांच हैमिल्टन सीआई वेंटिलेटर, 2021 में पांच इवोल्यूशन 3-ई वेंटिलेटर और 2022 में नेशनल हेल्थ मिशन (एएचएम) के तहत केंद्र सरकार की योजना से चार वेंटिलेटर खरीदे गए थे।
2020 से वेंटिलेटरों की मरम्मत पर एक रुपया भी खर्च नहीं
आरटीआई के जवाब से यह भी पता चला कि जनवरी 2020 से वेंटिलेटर की मरम्मत और रखरखाव पर कोई खर्च नहीं किया गया है। इसमें यह भी कहा गया कि किसी भी मशीन को बेकार (कंडेम्ड) या मरम्मत के लायक नहीं (बियॉन्ड रिपेयर) घोषित नहीं किया गया है।
अस्पताल को बाहर से कुछ स्पेयर पार्ट्स का इंतज़ार
जीएमसी बारामूला के एक अधिकारी ने बताया कि मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है और अस्पताल को बाहर से कुछ स्पेयर पार्ट्स का इंतज़ार है। अधिकारी ने कहा, बाहर से कुछ स्पेयर पार्ट्स की ज़रूरत है और उनका ऑर्डर दे दिया गया है। जैसे ही ये पार्ट्स मिल जाएंगे, खराब पड़े वेंटिलेटर को जल्द से जल्द चालू कर दिया जाएगा।
