विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नोएडा-ग्रेनो की हाईराइज में बालकनी बनी 'डेंजर जोन', पिता-पुत्र की मौत से पहले भी घट चुकी हैं कई दर्दनाक घटनाएं

Published: Fri, 30 Oct 2026 06:36 PM (IST)

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बालकनी से गिरने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। शुक्रवार को बालकनी से पैर फिसलकर ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड

HighLights

  1. महागुन मायवुड्स सोसायटी में पिता-पुत्र की मौत।

  2. लापरवाही, बिल्डर मनमानी, प्राधिकरण अनदेखी हादसों का कारण।

  3. बालकनी सुरक्षा हेतु समान नीति बनाने की मांग।

अजब सिंह भाटी, ग्रेटर नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लोग मुंहमांगे दाम देकर फ्लैट खरीदते हैं, क्योंकि हर तरह की सुविधा मिलती है, लेकिन सोसायटियों में घर की खूबसूरती बढ़ाने वाली बालकनी अब सबसे बड़ा खतरा बन गई है।

लोगों की लापरवाही, बिल्डरों की मनमानी और प्राधिकरण की अनदेखी ने बालकनी को हादसों का प्वाइंट बना दिया है। शुक्रवार की सुबह महागुन मायवुड्स सोसायटी में पैर फिसलने से हुई पिता-पुत्र की मौत की दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर दिया है।

क्यों बढ़ रही ऐसी घटनाएं?

यह कोई पहली घटना नहीं इससे पूर्व भी ऐसे दर्दनाक हादसे हो चुके हैं, जिसमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग और युवा बालकनी से गिरकर जान गंवा बैठे। मानक के अनुसार सोसायटियों में बालकनी की ग्रिल की ऊंचाई साढ़े तीन से चार फीट होनी चाहिए। ग्रिल मानक के अनुसार लगी भी है, फिर भी सुरक्षा नहीं है।

पहले भी घट चुकी है कई घटनाएं

केस 1 

गाजियाबाद के आदित्य वर्ल्ड सिटी स्थित सिटी अपार्टमेंट में 25 अक्टूबर 2026 को 17वीं मंजिल से गिरकर तीन साल के मासूम की मौत हो गई। यह घटना खिड़की पर लगे एसी को हटाने के बाद खुले छोड़े गए वेंट की वजह से घटा था।

केस 2

22 अगस्त 2024 : बिसरख कोतवाली क्षेत्र की गौर सिटी दो के 14 एवेन्यू में 27वें फ्लोर की बालकनी में खेलते-खेलते दो साल की बच्ची 12वें फ्लोर की बालकनी में गिर गई। हादसा बच्ची के पैर फिसलने की वजह से हुआ था।

केस 3

सात सितंबर 2024 : बिसरख कोतवाली क्षेत्र की पर्ल सोसायटी में एक बुजुर्ग महिला फ्लैट की बालकनी से नीचे गिर गई थी। महिला के पैर फिसलने की बात सामने आई थी।

केस 4

29 नवंबर 2024 : बिसरख कोतवाली क्षेत्र की पैरामाउंट इमोशंस सोसायटी में शुक्रवार को एक 14 वर्षीय किशोर की फ्लैट की बालकनी से गिरकर मौत हो गई। 

खूबसूरती बढ़ाने के चक्कर में बढ़ी लापरवाही 

ज्यादातर लोग बालकनी की खूबसूरती बढ़ाने के लिए गमलों में पौधे लगा देते हैं। यहां तक की बालकनी के बाहर स्टैंड लगाकर गमले रख देते हैं। ग्रेनो वेस्ट की तमाम सोसायटियों में बालकनी के बाहर लोहे के एंगल पर 10 से 20 किलो तक के भारी गमले लटके हुए हैं।

लोग फर्श की जगह बचाने के लिए बाहर स्टैंड लगवा देते हैं। तेज आंधी या हल्के भूकंप में ये गमले सीधे नीचे सड़क या पार्क में खड़े लोगों पर गिर सकते हैं। बिल्डिंग बायलाज के अनुसार बालकनी की बाहरी दीवार के बाहर किसी भी प्रकार का प्रोजेक्शन, स्टैंड या गमला रखना पूरी तरह अवैध है।

बिल्डर बालकनी कवर करने में लगा देते हैं अडंगा

बालकनी कवर करने पर ज्यादातर बिल्डर ले आउट में बदलाव न करने का हवाला देकर अड़ंगा लगा देते हैं। इससे हाइराइज सोसायटियों में हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है।

लोगों का कहना है कि सुरक्षा को देखते हुए बालकनी को सुरक्षित तरीके से कवर करने के लिए एक समान पालिसी बनाई जाए, ताकि ले-आउट का उल्लंघन भी न हो और हादसे भी रोके जा सकें।

बालकनी कवर करने में भी बरती जाती है लापरवाही

अधिक जगह पाने के चक्कर में लोग लोहे के जाल के बजाय शीशे व फाइबर शेड़ से कवर कर देते हैं। तेज हवा और बारिश में ये अवैध शेड उखड़कर नीचे गिर जाते हैं।

आए दिन लोगों के बालकनी से गिरने की खबरें आती है। सुरक्षा को देखते हुए बालकनी को सुरक्षित तरीके से कवर करने के लिए एक समान पालिसी बनाई जानी चाहिए।
- पूजा, महागुन मायवुड्स सोसायटी

छोटे बच्चों को लेकर जितने भी हादसे हुए। छोटे बच्चे हैं वे अपनी फ्लैट की बालकनी में जाल जरूर लगाएं । इसके अलाव बालकनी का दरवाजा बंद रखे, जिससे बच्चे बालकनी तक न जा सके। कुर्सी अथवा स्टूल को बालकनी से दूर रखें।
-रिंकी, महागुन मायवुडस सोसायटी

यह भी पढ़ें- ग्रेटर नोएडा: 23वीं मंजिल से गिरकर दिल्ली सचिवालय के अफसर व बेटे की मौत, फूल तोड़ते फिसला था बच्चा, बचाने में हुआ हादसा

यह भी पढ़ें- नोएडा-ग्रेटर नोएडा में पुलिस कमिश्नर के एक्शन से हड़कंप, 5 चौकी प्रभारी सस्पेंड; ACP और SHO की होगी जांच



देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।