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नोएडा में अवैध निर्माण पर बड़ा एक्शन, हाजीपुर-सलारपुर के कई खसरा नंबर जारी; खरीद-फरोख्त से रहें दूर

Published: Sat, 24 Oct 2026 06:52 PM (GMT+05:30)

नोएडा प्राधिकरण हाजीपुर और सलारपुर गांवों में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। प्राधिकरण ने संबंधित खसरा नंबरों की ...और पढ़ें

प्राधिकरण के वर्क सर्किल-8 ने सार्वजनिक सूचना के साथ नक्शा भी जारी किया है, जिससे लोग संबंधित जमीन और उस पर बनी इमारतों को पहचान सकें।

प्राधिकरण के वर्क सर्किल-8 ने सार्वजनिक सूचना के साथ नक्शा भी जारी किया है, जिससे लोग संबंधित जमीन और उस पर बनी इमारतों को पहचान सकें।

HighLights

  1. हाजीपुर और सलारपुर में अवैध निर्माण पर कार्रवाई।

  2. प्राधिकरण ने खसरा नंबरों की सूची जारी कर दी।

  3. अवैध जमीनों की खरीद-फरोख्त से बचने की अपील।

कुंदन तिवारी, नोएडा। हाजीपुर और सलारपुर गांव में अवैध निर्माण के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण कार्रवाई करेगा। प्राधिकरण ने संबंधित खसरा नंबरों की सूची और चौहद्दी वाला नक्शा जारी कर लोगों से इन जमीनों की खरीद-फरोख्त न करने की अपील की है।

इन प्रॉपर्टीज को गिराने की है तैयारी

हाजीपुर गांव में स्टर्लिंग माल के बराबर खसरा नंबर-412 पर बने माॅल को ध्वस्त किया जाएगा। इसके आगे एक दुकान छोड़कर हाजीपुर गांव जाने वाली गली नंबर-8 है। गली के भीतर सामने खसरा नंबर-247 और 250 को भी प्राधिकरण ने अवैध बताया है। गली के बराबर भंगेल का खसरा नंबर-218 है, जिसे अवैध नहीं माना गया है।

सलारपुर गांव के कई खसरा नंबर किए जारी

हालांकि, उससे सटे खसरा नंबर-217 को अवैध बताया गया है। यहां व्यावसायिक संपत्ति संचालित हो रही है। सेक्टर-107 स्थित लोटस 300 और प्रतीक एडिफिस सोसायटी के सामने सलारपुर गांव में बनी अवैध इमारतों को भी सील करने के बाद ध्वस्त किया जाएगा।

प्रतीक एडिफिस सोसायटी के पीछे सलारपुर गांव के खसरा नंबर-759, 760, 762, 763 और 764 को अवैध श्रेणी में रखा गया है। ये जमीनें पहले महर्षि आश्रम की थीं, जहां अब छोटे बिल्डरों ने फ्लैट बना दिए हैं। सलारपुर गांव के अन्य खसरा नंबरों की सूची भी जारी की गई है।

"अवैध निर्माण के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई होगी। पहले सीलिंग और फिर ध्वस्तीकरण किया जाएगा। खसरा नंबरों की सूची चौहद्दी सहित जारी करने का उद्देश्य लोगों को संबंधित जमीन की पहचान में मदद देना है, ताकि वे वहां खरीद-फरोख्त न करें। प्राधिकरण के वर्क सर्किल-8 ने सार्वजनिक सूचना के साथ नक्शा भी जारी किया है, जिससे लोग संबंधित जमीन और उस पर बनी इमारतों को पहचान सकें।"

-कृष्णा करुणेश, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण।

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