दिल्ली हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण सख्त, गांवों में बहुमंजिला इमारतों की स्ट्रक्चरल सेफ्टी रिपोर्ट होगी अनिवार्य
नोएडा प्राधिकरण गांवों में बनी और निर्माणाधीन इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा रिपोर्ट अनिवार्य करने जा रहा है। दिल्ली में इमारत गिरने की घटना के बाद यह कदम उठाया गया है।

नोएडा के ग्रामीण क्षेत्रों में बनी बहुमंजिला इमारतों की मजबूती परखी जाएगी। प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
गांवों की इमारतों के लिए स्ट्रक्चरल सेफ्टी रिपोर्ट अनिवार्य।
यूनिफाइड पॉलिसी में ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा हेतु विशेष प्रावधान।
दिल्ली हादसे के बाद नोएडा में जर्जर इमारतों का सर्वे जारी।
जागरण संवाददाता, नोएडा। गांवों में बनी और निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा को लेकर नोएडा प्राधिकरण अब सख्ती करने जा रहा है। इन इमारतों के लिए स्ट्रक्चरल सेफ्टी रिपोर्ट अनिवार्य करने की तैयारी है।
इसके लिए शासन को भेजी गई यूनिफाइड पाॅलिसी में एक विशेष क्लाॅज जोड़ा गया है। हालांकि, यह पाॅलिसी मुख्य रूप से औद्योगिक से संबंधित है, लेकिन ग्रामीण आबादी की सुरक्षा को देखते हुए इसमें इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा का प्रविधान शामिल किया गया है।
स्ट्रक्चरल सेफ्टी की जांच का रास्ता साफ
नोएडा प्राधिकरण सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि यूनिफाइड पाॅलिसी में ग्रामीण क्षेत्रों की इमारतों की स्ट्रक्चरल सेफ्टी को लेकर प्रविधान किया गया है। शासन से पाॅलिसी को मंजूरी मिलने के बाद इसे आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
बोर्ड की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। दिल्ली में इमारत गिरने की घटना के बाद नोएडा के गांवों में भी जर्जर और असुरक्षित इमारतों का सर्वे कराया जा रहा है। चिह्नित इमारतों पर नोटिस भी चस्पा किए जा रहे हैं।
नोएडा के गांवों में प्राधिकरण की नक्शा नीति लागू है, लेकिन बड़ी संख्या में निर्माण होने के कारण भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा का मुद्दा सामने आता रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद गांवों में बनी और निर्माणाधीन इमारतों की स्ट्रक्चरल सेफ्टी की जांच का रास्ता साफ होगा।
रिपोर्ट के जरिए परखेंगे मजबूती
रिपोर्ट के जरिए यह देखा जा सकेगा कि इमारत संरचनात्मक रूप से सुरक्षित है या नहीं। सर्फाबाद, भंगेल, गढ़ी चौखंडी, सलारपुर, बरौला समेत कई गांवों में बड़ी संख्या में बहुमंजिला इमारतें बनी हैं और कई जगह निर्माण जारी है। ऐसे में इनकी संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर प्राधिकरण का नया प्रावधान अहम माना जा रहा है।
