गुरुग्राम-नोएडा में बिट्टू तबाही के सफाई के दावे निकले झूठे; सोशल मीडिया पर सफाई की तस्वीरें, मौके पर कचरे के ढेर
बिट्टू तबाही के गुरुग्राम और नोएडा में चलाए गए सफाई अभियान के दावे झूठे निकले हैं। मौके पर पड़ताल में ...और पढ़ें

सोशल मीडिया पर बिट्टू तबाही ने मंगलवार को गुरुग्राम और नोएडा में सफाई अभियान चलाने का दावा किया था। बुधवार को जब हकीकत परखी गई तो दोनों जगहों पर कूड़े का ढेर लगा मिला।
HighLights
गुरुग्राम और नोएडा में बिट्टू तबाही के सफाई अभियान के दावे झूठे।
मौके पर पड़ताल में कूड़े के ढेर जस के तस मिले।
वाईएसएस फाउंडेशन ने सहयोग से इनकार कर फर्जीवाड़ा उजागर किया।
संजय सिंह/प्रवेंद्र सिकरवार, गुरुग्राम/नोएडा। मध्य प्रदेश की अजनार नदी का अकेले ही कायाकल्प करने का दावा कर चर्चा में आए बिट्टू तबाही (सुरेंद्र सिंह चौधरी) का गुरुग्राम और नोएडा में मंगलवार को चलाया गया सफाई अभियान सवालों के घेरे में आ गया है।
सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो शेयर कर बड़े पैमाने पर सफाई करने के जो दावे किए गए थे, जमीनी हकीकत में वे पूरी तरह हवा-हवाई और झूठे साबित हुए हैं। बिट्टू तबाही के अजनारा नदी की सफाई वाले दावे पर भी आरोप लग चुके हैं।
गुरुग्राम: इंस्टाग्राम पर फोटो सेशन, मौके पर मिले कचरे के ढेर
बिट्टू तबाही ने मंगलवार शाम इंस्टाग्राम पर दावा किया था कि उन्होंने गुरुग्राम के खेड़की दौला स्थित शनि मंदिर के पास और दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे से जुड़े द्वारका अंडरपास के समीप बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाकर नाले और आसपास की गंदगी साफ कर दी है।

हालांकि, बुधवार को जब मौके पर जाकर पड़ताल की गई, तो दावों की पोल खुल गई। नाले में गंदगी जस की तस जमा थी और आसपास कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे मिले। अंडरपास के पास पड़ा कचरा भी नहीं हटाया गया था। सोशल मीडिया पर किए गए दावों और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर नजर आया।
नोएडा: यमुना घाट की सफाई का दावा भी निकला पूरी तरह फर्जी
नोएडा के सेक्टर-94 स्थित युवा शक्ति घाट पर भी सफाई का ऐसा ही झूठा दावा किया गया। बिट्टू तबाही के अनुसार, मंगलवार सुबह 6 से 11 बजे तक चले 5 घंटे के अभियान में शहर के वालंटियर्स के साथ मिलकर यमुना घाट से 1280 किग्रा कचरा एकत्र किया गया था।

जब अगले ही दिन बुधवार को घाट पर जाकर निरीक्षण किया गया, तो वहां पहले की तरह ही नदी किनारे कचरा, फटे कपड़े और पुरानी मूर्तियां बिखरी मिलीं। सफाई के नाम पर केवल फोटो खिंचवाने के अलावा जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ था।
'वाईएसएस फाउंडेशन' ने भी कहा- झूठा है दावा
नोएडा मामले में भी बिट्टू ने इंस्टाग्राम पर 'वाईएसएस फाउंडेशन' के सहयोग से सफाई अभियान चलाने की बात कही थी। हालांकि, वाईएसएस फाउंडेशन के निदेशक सचिन गुप्ता ने सफाई अभियान की किसी भी तरह की सूचना होने से साफ इंकार कर दिया, जिससे बिट्टू तबाही के दावों का फर्जीवाड़ा पूरी तरह उजागर हो गया है।
अजनार नदी का क्रेडिट चुराने का भी लग चुका है आरोप
बिट्टू तबाही का विवादों से पुराना नाता रहा है। एमपी की अजनार नदी की सफाई के दौरान भी उन पर स्थानीय लोगों और निगम कर्मचारियों के योगदान को छुपाकर सारा क्रेडिट खुद लेने के आरोप लगे थे।
