नोएडा एयरपोर्ट से चमकेगी NCR की अर्थव्यवस्था, जेवर में वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मल्टी मॉडल कार्गो हब से अगले एक साल में करीब 200 मालवाहक उड़ानें संचालित करने की योजना है, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर। जागरण
HighLights
नोएडा एयरपोर्ट पर 200 मालवाहक उड़ानें एक साल में संचालित होंगी।
शुरुआत में पशुधन और फिर सामान्य मालवाहक उड़ानों पर जोर रहेगा।
जेवर में लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मनोज कुमार शर्मा, जेवर (ग्रेटर नोएडा)। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्री विमानों के साथ अब मालवाहक विमानों की गतिविधियां भी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी में हैं। एयरपोर्ट के मल्टी माडल कार्गो हब से आगामी एक वर्ष में करीब 200 मालवाहक उड़ानों के संचालन की योजना पर काम चल रहा है।
इसके लिए निर्धारित और गैर-निर्धारित मालवाहक उड़ानों के लिए बाजार की मांग, कार्गो क्षमता और संभावित मार्गों की तलाश की जा रही है, शुरुआत में पशुधन की कार्गो के लिए विशेष उड़ानों पर जोर रहेगा। इसके साथ ही सामान्य माल के लिए निर्धारित और गैर-निर्धारित मालवाहक उड़ानों की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
लॉजिस्टिक्स सेवाओं की मांग बढ़ना तय
कार्गो उड़ानों का असर एयरपोर्ट परिसर तक सीमित नहीं रहेगा। माल की आवाजाही बढ़ने के साथ जेवर और आसपास के क्षेत्र में वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज, परिवहन, माल ढुलाई और अन्य लाजिस्टिक्स सेवाओं की मांग बढ़ना तय है।
स्थानीय स्तर पर छोटे-बड़े कारोबारियों के लिए भी उत्पादों को दूर के बाजारों तक तेजी से पहुंचाने का विकल्प तैयार होगा। खेत और उत्पादन केंद्र से एयरपोर्ट तक माल पहुंचाने के लिए स्थानीय परिवहन नेटवर्क विकसित होने से नए कारोबार की संभावनाएं बनेंगी।
एयर इंडिया सैट्स एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (एआइएसएटीएस) ने स्पाइसएक्सप्रेस और टोटसोल एविएशन के साथ अलग-अलग समझौता ज्ञापन किए हैं। इनका उद्देश्य जेवर एयरपोर्ट स्थित एआइएसएटीएस मल्टी माडल कार्गो हब से मालवाहक विमान संचालन विकसित करना है।
स्पाइसएक्सप्रेस के साथ प्रस्तावित संचालन में उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे प्रमुख पशुधन उत्पादक क्षेत्रों से कम समय में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर जोर रहेगा।
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देश में अभी तक नासिक, नागपुर और मुंबई से पशुधन के अंतरराष्ट्रीय एयर कार्गो खासकर भेड़ बकरियां शारजाह भेजे जाते रहे हैं। इसके अलावा देश में घोड़े, गाय, भैंस और ऊंट आदि पशुधन का बड़ा बाजार उपलब्ध है।
स्थानीय लाजिस्टिक्स ढांचा बड़ी चुनौती
कार्गो कारोबार के विस्तार के साथ जेवर में स्थानीय लाजिस्टिक्स ढांचा तैयार करना बड़ी चुनौती होगी। पशुधन और सामान्य माल के लिए अलग-अलग भंडारण, पैकेजिंग, परिवहन तथा समयबद्ध ढुलाई की व्यवस्था विकसित करनी होगी।
एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ इन सेवाओं की जरूरत और बढ़ेेंगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए परिवहन, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बनेंगे।
मल्टी माडल कार्गो हब में डिजिटल रूप से एकीकृत और स्वचालित व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे विशेष और सामान्य दोनों तरह के कार्गो की आवाजाही को बेहतर बनाया जा सके। वहीं, टोटसोल एविएशन निर्धारित और गैर-निर्धारित मालवाहक उड़ानों के लिए बाजार की मांग, कार्गो क्षमता और संभावित मार्गों का आकलन करेगा।
- रामनाथन राजामणि सीईओ एआइएसएटीएस
एआइएसएटीएस का मल्टी माडल कार्गो हब एयरपोर्ट पर विशेष और सामान्य कार्गो के लिए सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। प्रस्तावित पशुधन मालवाहक संचालन हब की क्षमता और बहुउपयोगिता को दर्शाता है।
- क्रिस्टोफ श्नेलमैन वाइस चेयरमैन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
