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दिल्ली एयरपोर्ट बनेगा ग्लोबल लॉजिस्टिक्स हब: जीएमआर-फेडेक्स ने शुरू किया 1250 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट

Published: Tue, 25 Aug 2026 03:49 PM (IST)

दिल्ली एयरपोर्ट पर जीएमआर और फेडेक्स ने 1250 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड एयर कार्गो हब की नींव रखी है। यह ...और पढ़ें

ग्लोबल लॉजिस्टिक्स हब बनने की ओर दिल्ली एयरपोर्ट। (एआई एडिटेड इमेज)

ग्लोबल लॉजिस्टिक्स हब बनने की ओर दिल्ली एयरपोर्ट। (एआई एडिटेड इमेज)

HighLights

  1. जीएमआर-फेडेक्स ने दिल्ली एयरपोर्ट पर 1250 करोड़ का हब बनाया।

  2. नया हब कार्गो प्रोसेसिंग क्षमता को आठ गुना बढ़ाएगा।

  3. यह दिल्ली को वैश्विक लॉजिस्टिक्स गेटवे के रूप में स्थापित करेगा।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (दिल्ली एयरपोर्ट) को दुनिया का प्रमुख एविएशन और लाजिस्टिक्स गेटवे बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली एयरपोर्ट का संचालन करने वाले जीएमआर ग्रुप और वैश्विक एक्सप्रेस ट्रांसपोर्ट दिग्गज फेडेक्स के बीच एक बड़ी डील हुई है।

इसके तहत दिल्ली एयरपोर्ट स्थित जीएमआर कार्गो सिटी में 150 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 1,250 करोड़ रुपये) का नया इंटीग्रेटेड एयर कार्गो हब विकसित किया जाएगा। नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू की मौजूदगी में आयोजित भूमि पूजन के साथ इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव रखी गई।

इस अवसर पर नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा कि भारत को दुनिया भर में एयर कार्गो की आवाजाही की मुख्य रीढ़ बनना चाहिए। उन्होंने इलेक्ट्रानिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में देश की तेजी से बढ़ती ताकत का जिक्र करते हुए इस प्रोजेक्ट को बेहद महत्वपूर्ण बताया। मंत्री ने जीएमआर और फेडेक्स को बधाई देते हुए जानकारी दी कि देश में कार्गो ऑपरेशन्स के वॉल्यूम में लगभग 40 प्रतिशत का उछाल आया है।

नई 'ट्रांसशिपमेंट पॉलिसी' के पायलट प्रोजेक्ट को बड़ी सफलता

उन्होंने बताया कि सरकार की नई 'ट्रांसशिपमेंट पॉलिसी' के पायलट प्रोजेक्ट को बड़ी सफलता मिली है और सरकार का लक्ष्य केवल मेट्रो शहरों तक सीमित न रहकर पूरे देश में एयर फ्रेट स्टेशनों के नेटवर्क को और बेहतर बनाना है। इस दौरान नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने भी स्पष्ट किया कि सरकार एयरपोर्ट्स पर कार्गो मूवमेंट की सभी परिचालन बाधाओं को दूर करने और कस्टम्स क्लियरेंस की प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस साझेदारी पर फेडेक्स मिडिल ईस्ट, इंडियन सबकान्टिनेंट एंड अफ्रीका के प्रेसिडेंट कामी विश्वनाथन ने कहा कि भारत हमारे वैश्विक नेटवर्क के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण बाजार है, जहां उत्तर और पूर्वी भारत देश के बढ़ते व्यापार और आर्थिक अवसरों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दिल्ली में अपनी उपस्थिति मजबूत करने से इन बाजारों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी और व्यवसायों को विस्तार में मदद मिलेगी। यह भारत में हमारे दीर्घकालिक भरोसे को दर्शाता है।

वहीं, जीएमआर में कमर्शियल एंड ग्रोथ के सीईओ राजेश अरोड़ा ने कहा कि फेडेक्स का अपने नए इंटीग्रेटेड एयर कार्गो हब के लिए जीएमआर कार्गो सिटी को चुनना, दिल्ली एयरपोर्ट के रणनीतिक ग्लोबल लाजिस्टिक्स गेटवे के रूप में बढ़ते कद का मजबूत समर्थन है। यह फैसिलिटी दिल्ली की भूमिका को उत्तर और पूर्वी भारत के व्यवसायों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने में और मजबूत करेगी।

पूर्णत: स्वचालित होगा हब

जीएमआर कार्गो सिटी में 2.3 लाख वर्ग फीट में बनने वाला यह नया हब एक पूर्णतः स्वचालित सेंटर होगा, जो अत्याधुनिक तकनीक, स्वचालन और एआइ से लैस होगा। इसके शुरू होने के बाद कार्गो प्रोसेसिंग क्षमता 600 पैकेज प्रति घंटे से बढ़कर सीधे 5,000 पैकेज प्रति घंटा (8 गुना से अधिक) हो जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय गेटवे, पिकअप-एंड-डिलीवरी और कस्टम्स क्लियरेंस जैसी तमाम सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। सुरक्षा को सख्त और तेज बनाने के लिए यहां अगली पीढ़ी की एक्स-रे मशीनें, एडवांस ऑटो-सॉर्टर और स्मार्ट पैकेज-हैंडलिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं।

यह मेगा प्रोजेक्ट 50 एकड़ में फैले जीएमआर कार्गो सिटी का हिस्सा है, जो पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पूर्वी राज्यों के उद्योगों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ेगा। यह निवेश भारत में तेजी से बढ़ते ई-कामर्स व रिटेल क्षेत्र को नई रफ्तार देगा और दिल्ली एयरपोर्ट को वैश्विक लाजिस्टिक्स के मानचित्र पर शीर्ष स्थान पर स्थापित करेगा।

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