विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नोएडा की हवा 17 दिनों बाद गंभीर श्रेणी में, मास्क के बिना रहना हुआ मुश्किल; बच्चों पर पड़ रहा प्रभाव

Published: Mon, 19 Jan 2026 06:12 AM (IST)

नोएडा की हवा 17 दिनों बाद फिर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई है, रविवार को AQI 431 दर्ज हुआ। ग्रेनो ...और पढ़ें

नोएडा में सांस लेना हुआ मुश्किल।

नोएडा में सांस लेना हुआ मुश्किल।

HighLights

  1. नोएडा की हवा 17 दिनों बाद 'गंभीर' श्रेणी में पहुंची।

  2. CAQM ने GRAP 4 की पाबंदियां तुरंत प्रभाव से लागू कीं।

  3. निर्माण कार्य और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया।

जागरण संवाददाता, नोएडा। नोएडा की हवा सत्रह दिनों बाद फिर से गंभीर श्रेणी पहुंच गई है। रविवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 431 और ग्रेनो का 402 गंभीर श्रेणी में दर्ज हुआ। पिछले दिनों में हवा सामान्य से बेहद खराब में बनी हुई थी लेकिन शनिवार रात से हवा का स्तर गंभरी श्रेणी पहुंच गया।

हवा की गति 7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के कारण प्रदूषण की रफ्तार बढ़ गई। देश में सबसे प्रदूषित शहर गाजियाबाद एक्यूआइ 458 दर्ज हुआ। वहीं देश में दूसरा दिल्ली एक्यूआइ 444 और नोएडा तीसरा सबसे प्रदूषित दर्ज किया गया।

हवा की गुणवत्ता बिगड़ने से सीएक्यूएम ने ग्रेप 4 की पाबंदियां लगा दी है। निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक रहेगी। डीजल वाहनों एनसीआर में चलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। शहर की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंचने से लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घर से बिना मास्क के निकलना मुश्किल हो गया है। कारखानों, निर्माण कार्यों, और यातायात पर कड़ी पाबंदियां लगाई गई है।

ग्रेप 4 के तहत दिल्ली एनसीआर में सभी तरह के निर्माण कार्यों, ट्रकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। हालांकि जरूरी सेवाओं से जुड़ी गाड़ियों को कुछ छूट दी गई। इसके अलावा बच्चों की सेहत और सुरक्षा को देखते हुए राजधानी के स्कूलों को हाइब्रिड मोड में चलाया जाएगा। यानि बच्चों की पढ़ाई आनलाइन और आफलाइन दोनों ही तरीकों से करवाई जाएगी।

सड़कों पर नहीं पानी का छिड़काव

प्रदूषण बढ़ने के बाद भी नोएडा प्राधिकरण की एंटी स्माग गन हवा को स्वच्छ करने में बेअसर हो गई हैं। पानी का छिड़काव सड़कों पर सक्रीय रूप से नहीं हो रहा है। इससे हवा की गुणवत्ता में सुधार देखने को नहीं मिल रहा हैं।

यह भी पढ़ें- नोए़़डा में सूरज ढ़लते ही साढे तीन गुना तेजी से गिर रहा पारा, प्रदूषण का स्तर 'गंभीर'