नोएडा एयरपोर्ट तालाब अधिग्रहण पर एनजीटी सख्त, यमुना प्राधिकरण से मांगा जवाब
एनजीटी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए आठ तालाबों के अधिग्रहण पर यमुना प्राधिकरण से जवाब मांगा है। प्राधिकरण को ...और पढ़ें
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एनजीटी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास कार्य के लिए आठ तालाबों के अधिग्रहण पर यमुना प्राधिकरण से जबाव मांगा।

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जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास कार्य के लिए आठ तालाबों के अधिग्रहण पर यमुना प्राधिकरण से जबाव मांगा है। प्राधिकरण को क्षेत्र में तालाबों के विकास कार्यों से जुड़ी तुलनात्मक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
पर्यावरणविद अभिष्ठ कुसुम गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2022 में उन्होंने जिले के 1031 तालाबों के अधिग्रहण और उनके जीर्णोद्धार के संबंध में याचिका एनजीटी में दायर की थी। इस पर 19 जनवरी को एनटीजी का आदेश आया है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की 2016 के दिशा निर्देश के मुताबिक तालाबों का अधिग्रहण कर उसकी जगह सवा गुना बड़ा तालाब विकसित करने का नियम था, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने 2020 में असंवैधानिक बताया, लेकिन इसके बावजूद नोएडा एयरपोर्ट के लिए यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में आठ तालाबों का अधिग्रहण कर लिया गया, जिसपर एनजीटी सख्त हो गया है।
आदेश में कहा गया कि यमुना प्राधिकरण को यह बताना होगा कि नोएडा एयरपोर्ट के लिए तालाब किस नियम के तहत अधिग्रहित किए गए और उनके बदले वैकल्पिक जलाशय कैसे बनाए गए। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि स्थानीय जलाशयों को खत्म करने की योजनाएं, भले ही उनके बदले विकल्प दिए जाएं, संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ हैं और रद की जा सकती हैं।
एनजीटी के इस आदेश के बाद एयरपोर्ट का कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। एनजीटी ने यमुना प्राधिकरण से क्षेत्र में तालाबों के विकास कार्यों से जुड़ी रिपोर्ट चार सप्ताह में देने को कहा है। उधर एनजीटी ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से भी उनके क्षेत्र के 50 तालाबों के संबंध में एक माह में विवरण देने के आदेश दिए हैं।
इसमें हर तालाब का मूल क्षेत्रफल और उसपर अवैध कब्जा करने वालों के नाम शामिल करने होंगे। वहीं एनजीटी ने तालाबों का गलत विवरण पेश करने व आदेशों का सही से पालन न करने पर नोएडा प्राधिकरण पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
