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4 फेज में 209 वर्ग KM में बसेगा 'न्यू नोएडा', किसानों को मिलेगा ₹4300 वर्गमीटर तक मुआवजा; क्या है पूरा प्लान?

Published: Thu, 09 Jul 2026 11:02 AM (GMT+05:30)

New Noida के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिसमें किसानों से आपसी सहमति से जमीन लेने के लिए पांच लेखपाल नियुक्त किए गए हैं।

सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- ai generated

सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- ai generated

HighLights

  1. नया नोएडा के लिए पांच लेखपालों की नियुक्ति हुई।

  2. किसानों से आपसी सहमति से जमीन ली जाएगी।

  3. मुआवजा दर 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई।

जागरण संवाददाता, नोएडा। दादरी नोएडा गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (डीएनजीआइआर) के रूप में 209.11 वर्ग किमी में बसने वाले ‘नया नोएडा’ को जमीनी स्तर पर उतारने की तैयारी नोएडा प्राधिकरण में तेज हो गई है। 37 गांव में कैंप लगाकर आपसी सहमति से किसानों से जमीन लेने की प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है।

भूमि अधिग्रहण के लिए लेखपाल नियुक्त

बुधवार को डीएनजीआइआर में किसानों से जमीन अधिग्रहण के लिए शासन स्तर से नोएडा प्राधिकरण में पांच लेखपाल को नियुक्त कर दिया गया, इसमें से एक ने पदभार भी संभाल लिया है।

प्राधिकरण ओएसडी क्रांति शेखर सिंह ने बताया कि सभी लेखपाल सेक्टर-96 प्राधिकरण के कार्यालय में बैठेंगे। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के साथ सभी पांच लेखपाल नया नोएडा के 80 गांवों का जमीनी आकलन करेंगे।

New Noida (1)

आपसी सहमति से लेंगे जमीन

आपसी सहमति के आधार पर ही किसानों से जमीन ली जाएगी। इसके लिए लेखपाल नया नोएडा के गांव में कैंप लगाएंगे और वहां किसानों से बातचीत करेंगे। लेखपालों की तैनाती के बाद अब भूमि से संबंधित अभिलेखों का सत्यापन, राजस्व रिकॉर्ड का मिलान और किसानों की भूमि का विवरण जुटाने जैसे प्रारंभिक कार्य तेज किया जाएगा। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

प्राधिकरण ने भूमि अधिग्रहण के लिए यमुना विकास प्राधिकरण की तर्ज पर मुआवजा नीति तय कर दी है। किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन ली जाएगी। मुआवजा दर 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है। जिन किसानों को विकसित भूखंड की सुविधा नहीं चाहिए, उन्हें 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा।

वहीं, जो किसान 7 प्रतिशत विकसित प्लॉट लेने का विकल्प चुनेंगे, उन्हें 3800 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा मिलेगा। 80 गांवों को मिलाकर विकसित किए जाने वाले इस नए शहर के लिए नोएडा प्राधिकरण ने विभिन्न विभागों और संबंधित प्राधिकरणों से जीआइएस (जियोग्राफिक इंफार्मेशन सिस्टम) आधारित भू स्थानिक डेटा मांगा है।

इसमें नदियां, नहरें, तालाब, आंतरिक और मुख्य सड़कें, हाईवे समेत अन्य प्राकृतिक और आधारभूत संरचनाओं की जानकारी शामिल होगी। इसके आधार पर जीआइएस सिस्टम बनाया जाएगा।

इन गांव में पहले फेज में लगेगा कैंप

पहले फेज में 37 गांव को लिस्ट किया गया है। इसमें 24 गांव बुलंदशहर के और 13 गांव गौतमबुद्ध नगर के है। जिसमें बुलंदशहर के बिरोंडी फौलादपुर, बिरोंडी तेजपुर, चोला, डिमरी आदिलपुर, गोपालपुर, हृदयपुर, जोखाबाद, कैथरा, कनवरा, काड़ू, किशनुपर, लुहाकर, मुरादाबाद, नगलाबरोधा, नवादा, राजरमपुर, राजपुर खुद्र, सबदलपुर सलेमपुर कायस्थ, सनवाली, शाहपुर कालन, सेरपुर, सिकरा गांव शामिल है।

गौतमबुद्ध नगर के यह गांव शामिल

आनंदपुर, बैरंगपुर उर्फ नई बस्ती, बील अकबरपुर, छायसा, दया नगर, गिरिराजपुर, कोट, मिलक खंडेरा, नगला कामरू, नगला न्यानसुख, नेकरामपुर उर्फ विशनुपर, फूलपुर, सैंथली को शामिल किया गया है।

चार चरणों में विकसित होगा न्यू नोएडा

  • न्यू नोएडा का मास्टर प्लान 209.11 वर्ग किलोमीटर (20,911.29 हेक्टेयर) क्षेत्र में तैयार किया गया है। इसे चार चरणों में विकसित किया जाएगा।
  • पहला चरण (2023-2027) : 3,165 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित होगा। अधिकारियों के अनुसार इसकी समयसीमा नजदीक होने के कारण अब काम शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
  • दूसरा चरण (2027-2032) : 3,798 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जाएगा।
  • तीसरा चरण (2032-2037) : 5,908 हेक्टेयर भूमि पर विकास कार्य होंगे।
  • चौथा चरण (2037-2041) : 8,230 हेक्टेयर क्षेत्र को विकसित करने की योजना है।

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