यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
न ही RERA में रजिस्ट्रेशन, न नक्शा स्वीकृत; फ्लैट खरीददारों को ठग रहे हैं बिल्डर
नोएडा के सेक्टर-70 में स्थित पेन ओएसिस सोसायटी में बिल्डर पर नियमों की अनदेखी कर फ्लैट खरीदारों को ठगने का ...और पढ़ें

HighLights
- खरीदारों से बुकिंग लेकर बेचने की कोशिश
- जिसके लिए कई बार बांटे जा चुके पर्चे
कुंदन तिवारी, नोएडा। सेक्टर-70 की पेन ओएसिस सोसायटी में नियमों को ताक पर रखकर सुनियोजित तरीके से फ्लैट खरीदारों को ठगने का प्रयास किया जा रहा है। प्राधिकरण के ग्रुप हाउसिंग-प्लानिंग विभाग को इसकी भलीभांति जानकारी है, लेकिन प्राधिकरण अधिकारियों ने अभी तक बिल्डर पर शिकंजा कसने की जहमत नहीं उठाई है।
जबकि सोसायटी के सौ से अधिक निवासी लगातार प्राधिकरण सीईओ, चीफ आर्किटेक्ट प्लानिंग (सीएपी) को ई-मेल के जरिए इस बारे में अवगत करा रहे हैं।
फ्लैट खरीददारों को ठगने की कोशिश
कुछ निवासी रोजाना सीईओ, एसीईओ, सीएपी से मिल रहे हैं। पूर्व कोषाध्यक्ष आरबी पांडे ने बताया कि बिल्डर का चैनल पार्टनर सेक्टर-70 की पेन ओएसिस सोसायटी के अधूरे छह मंजिला टी टावर को खरीदारों से बुकिंग लेकर बेचने की कोशिश कर रहा है, जिसके लिए कई बार पर्चे बांटे जा चुके हैं।
स्वीकृत मानचित्र में कुल 19 टावर थे, जिसमें 2 लाख 5 हजार वर्गमीटर का एफएआर लिया जाना था, लेकिन 18 टावर में 2 लाख 6 हजार वर्गमीटर निर्माण का ओसी लिया गया है।
अब 19वें टावर को अवैध रूप से बनाने की कोशिश की जा रही है। 19वें टावर की ऊंचाई तो 18 मंजिल ही थी, लेकिन इसका ब्रोशर 32 मंजिल का टावर बताकर लांच किया गया है। निवासी सुनील कुमार ने बताया कि टी टावर में 3 बीएचके प्लस स्टडी फ्लैट के लिए पर्चे बांटे गए हैं।
बिल्डर के प्रतिनिधि एच 103 और 104 में बैठकर पूरा नक्शा बनाकर काम चला रहे हैं, जबकि टावर का नक्शा स्वीकृत नहीं है और न ही टावर का रेरा में रजिस्ट्रेशन हुआ है।
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रेरा टी टावर को द ओएसिस नाम से नई कंपनी के रूप में पंजीकृत करने का प्रयास कर रही है। बिल्डर प्रतिनिधि सुरजीत चौहान (प्रोजेक्ट डेवलपमेंट) ने कहा कि मैंने रहवासियों को स्पष्ट कर दिया है कि मैंने पर्चे नहीं बांटे, जिस व्यक्ति ने यह काम किया है, उससे संपर्क कर माफीनामा लिखवाया है, नोटिस भी चिपकाया है।
आपत्तियों की सुनवाई के लिए प्राधिकरण ने दिल्ली में दिया विज्ञापन एओए के पूर्व अध्यक्ष अमरनाथ वर्मा ने बताया कि प्राधिकरण और बिल्डर के बीच गहरी सांठगांठ है, क्योंकि बिल्डर ने प्राधिकरण में परमीसिबल फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) के लिए आवेदन किया है, जिस पर आपत्तियों की सुनवाई के लिए प्राधिकरण ने दिल्ली के अखबारों में विज्ञापन दिया है।
यह सब सोची समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है, जो नियमानुसार गलत है। इस मामले की सुनवाई 10 जून को रेरा में होनी है।
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