जेपी विशटाउन के रेजिडेंट्स की बड़ी जीत, नहीं बढ़ेगा मेंटेनेंस चार्ज; फ्लैट NOC और ट्रांसफर चार्ज की होगी जांच
नोएडा प्राधिकरण ने जेपी विशटाउन के निवासियों के रखरखाव शुल्क में प्रस्तावित वृद्धि पर रोक लगा दी है। बढ़े हुए ...और पढ़ें

जेपी विशटाउन में अब नहीं बढ़ेगा मेंटेनेंस शुल्क। फोटो: आर्काइव
जागरण संवाददाता, नोएडा। सेक्टर-131, 133 और 134 स्थित जेपी विशटाउन के निवासियों का रखरखाव शुल्क नहीं बढ़ेगा। प्राधिकरण के सेक्टर-96 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन में प्राधिकरण, पुलिस अधिकारियों की निवासियों संग बैठक हुई।
सुरक्षा रियल्टी के प्रतिनिधि भी इस बैठक में शामिल हुए। सुरक्षा रियल्टी की ओर से बढ़ाए गए रखरखाव शुल्क पर प्राधिकरण ने रोक लगाने के निर्देश जारी किए।
13 दिन के धरने के बाद बनी सहमति
बता दें बढ़े मेंटेनेंस शुल्क समेत अधूरी सुविधाओं को लेकर नोएडा जेपी विशटाउन के निवासी 13 दिनों से धरने पर बैठे थे। यमुना प्राधिकरण के संग हुई पूर्व में बैठक औपचारिकता मात्र रही।
इसके बाद बुधवार को नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी संतोष कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई त्रिपक्षीय बैठक में यह मध्यस्थता हुई।
बैठक में सहायक पुलिस आयुक्त (प्रथम) प्रवीण कुमार सिंह, सुरक्षा रियल्टी के सीईओ अभिजीत गोहिल, उपाध्यक्ष पीके सिन्हा और सोसायटी प्रतिनिधि शामिल हुए।
एसएएम चार्ज में प्रस्तावित बढ़ोतरी पर रोक
बैठक में प्राधिकरण ने सुरक्षा रियल्टी के स्पेशल एरिया मेंटेनेंस (एसएएम) चार्ज में प्रस्तावित बढ़ोतरी को रोक दिया।
प्राधिकरण द्वारा गठित विशेष जांच समिति दोनों पक्षों से विस्तृत वार्ता कर जब तक किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचती, तब तक कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा।
एनओसी जारी करने पर भी लगाई पाबंदी
निवासियों ने सुरक्षा रियल्टी द्वारा मनमाने ढंग से वसूले जा रहे ट्रांसफर चार्ज पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्राधिकरण ने स्पष्ट आदेश दिया कि गठित समिति पहले इस शुल्क निर्धारण का गहन परीक्षण करेगी।
तब तक बिल्डर द्वारा जारी की जाने वाली एनओसी पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। प्राधिकरण की ओर से जारी हुए स्पष्ट लिखित निर्देशों के बाद लोगों ने 13 दिन बाद धरना स्थगित करने की घोषणा की।
कॉसमॉस एओए के अध्यक्ष बृजेश सिंह ने इस आंदोलन को एकजुटता से सफल बनाने के लिए सभी निवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समिति की रिपोर्ट के बाद बिल्डर ने वादों से मुकरने की कोशिश की, तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।