नोएडा एयरपोर्ट से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक आसान होगा सफर, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण अंतिम चरण में
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे अंतिम चरण में है। एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा ...और पढ़ें

हरियाणा के मोहना फरीदाबाद से यमुना एक्स्प्रेसवे के बीच लिंक एक्सप्रेसवे पर बिना शुभारंभ के फर्राटा भरते वाहन। जागरण
HighLights
नोएडा एयरपोर्ट लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण अंतिम चरण में।
यमुना एक्सप्रेसवे से मोहना तक वाहनों की आवाजाही शुरू।
एयरपोर्ट को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी।
मनोज कुमार शर्मा, जेवर (ग्रेटर नोएडा)। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक सीधी कनेक्टिविटी देने वाले ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है।
एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा तैयार होने के साथ ही लोगों ने संचालन शुरू होने से पहले ही इस पर आवागमन शुरू कर दिया है। यमुना एक्सप्रेसवे से लेकर हरियाणा के मोहना यमुना पुल तक ट्रक, कार और बाइक दौड़ने लगे हैंं।
छह लेन का एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे एयरपोर्ट को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।
टोल प्लाजा और स्पीड लिमिट तैयार
वाहनों से टोल टैक्स वसूली के लिए जेवर के करौली बांगर में लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा का निर्माण किया गया है। एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों के लिए अधिकतम 100 किलोमीटर और भारी वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा की गति निर्धारित किए जाने की तैयारी है।
वाहनों की गति पर नजर रखने के लिए आटोमेटिक स्पीड रिकार्डिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। निर्धारित गति और वाहन संबंधी जानकारी डिस्प्ले पर भी दिखाई देगी। इस एक्सप्रेसवे का करीब 22 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा और करीब 9 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में है।
यह हरियाणा के मोहना समेत कई गांवों से होते हुए जेवर क्षेत्र के फलैदा बांगर, अमरपुर, करौली बांगर, वल्लभनगर और दयानतपुर पर इंटरचेंज के जरिये यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ते हुए सीधा एयरपोर्ट में प्रवेश करता है।
यमुना एक्सप्रेसवे से एयरपोर्ट तक का लगभग एक किमी का हिस्सा एयरपोर्ट संचालन के समय से ही चालू कर दिया गया है। लेकिन अब स्थानीय लोग हरियाणा में यमुना पुल को पार करते हुए मोहना तक फर्राटा भर रहे हैं।
हरियाणा के प्रमुख शहरों के अलावा दिल्ली एनसीआर से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
लिंक एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने के बाद फरीदाबाद, पलवल और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की तरफ से आने वाले यात्रियों को जेवर एयरपोर्ट तक सीधा और तेज मार्ग मिलेगा।
वहीं ईस्टर्न पेरिफेरल से जुड़ाव होने के कारण उत्तर भारत के कई शहरों से आने वाला यातायात दिल्ली के भीतर प्रवेश किए बिना एयरपोर्ट तक पहुंच सकेगा।
11 किमी का हिस्सा एलिवेटेड होने से बढ़ी परियोजना की लागत
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) द्वारा हाइब्रिड एन्युटी माडल पर 31.425 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर मूल परियोजना लागत वर्ष 2023 में करीब 2,414.67 करोड़ रुपये थी।
परियोजना में बदलाव और फरीदाबाद क्षेत्र में 11 किमी लंबे एलिवेटेड हिस्से सहित संशोधित कुल लागत 3,630.77 करोड़ रुपये पहुंच गई। उत्तर प्रदेश की सीमा के अलावा हरियाणा के मोहना तक निर्माण पूरा हो चुका है और शेष काम तेजी से चल रहा है।
वर्तमान लक्ष्य के अनुसार परियोजना को मई 2027 तक पूरा किया जाना है।
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