ग्रेटर नोएडा जाने से पहले पढ़ें यह खबर, 13-17 अक्टूबर तक ये रास्ते रहेंगे डायवर्ट; आज से शुरू हो रहा IHGF फेयर
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में 13-17 अक्टूबर तक आयोजित हो रहे आईएचजीएफ दिल्ली मेले के कारण यातायात प्रभावित रहेगा।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
IHGF दिल्ली मेला 13-17 अक्टूबर तक ग्रेटर नोएडा में।
एक्सपोमार्ट गोलचक्कर पर यातायात का दबाव रहने का अनुमान।
कई मार्गों पर डायवर्जन लागू, वैकल्पिक रास्ते अपनाएं।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। इंडिया एक्सपो मार्ट में 13 से 17 अक्टूबर तक आईएचजीएफ दिल्ली मेला शरद ऋतु का आयोजन हो रहा है। मेले में प्रतिदिन लगभग 6000 लोगों के आने की संभावना है। ऐसे में एक्सपोमार्ट गोल चक्कर पर यातायात का दबाव रहने का अनुमान है।
इसलिए वाहन चालक इस ओर जाने से बचें। यातायात पुलिस के अनुसार कार्यक्रम के दौरान यातायात सामान्य रूप से संचालित किया जाएगा, लेकिन एक्सपोमार्ट गोलचक्कर पर दबाव अधिक होने पर आवश्यकतानुसार गोलचक्कर को बंद कर डायवर्जन लागू किया जाएगा।
इन रास्तों पर रहेगा बदलाव
गलगोटिया कट से एक्सपोमार्ट गोलचक्कर होकर आईएफएस विला गोलचक्कर की ओर जाने वाले वाहन एक्सपोमार्ट गोलचक्कर से बड़ा गोलचक्कर, शारदा गोलचक्कर होते हुए एलजी गोलचक्कर से जगतफार्म होकर अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे।
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यहां खड़े हाेंगे वाहन
कार्यक्रम में आने वाले लोग अपने वाहन नासा ग्राउंड (बड़ा गोलचक्कर) में बनी पार्किंग में पार्क कर कार्यक्रम स्थल पर जा सकेंगे।
IHGF दिल्ली फेयर का आगाज, 100 देशों के खरीदार जुटेंगे
नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में मंगलवार को 62वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर-आटम 2026 का शुभारंभ होगा। इसका आयोजन से 17 अक्टूबर तक होगा। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) की ओर से आयोजित मेले में भारत के हस्तनिर्मित उत्पादों, पारंपरिक शिल्प कला और आधुनिक डिजाइन का प्रदर्शन किया जाएगा।
आयोजन में करीब 100 देशों के खरीदारों के पहुंचने की उम्मीद है। खरीदार 17 हाल और 900 स्थायी शोरूम में 3000 से अधिक प्रदर्शकों के उत्पादों को देख सकेंगे। यह जानकारी सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में दी गई।
ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने बताया कि मेले में होम डेकोर, फर्नीचर, होम फर्निशिंग, कालीन, टेक्सटाइल, फैशन ज्वेलरी, बैग, लैंप, गिफ्ट आइटम, किचन एवं डिनरवेयर, आउटडोर उत्पाद और पर्यावरण अनुकूल वस्तुओं समेत 16 प्रमुख उत्पाद श्रेणियां शामिल होंगी।
क्या है मेले का उद्देश्य?
इसका उद्देश्य भारतीय हस्तशिल्प निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ना और नए बाजारों में कारोबार की संभावनाएं बढ़ाना है। इस संस्करण में भी खरीदारों और निर्यातकों के बीच व्यापारिक नेटवर्किंग तथा नए कारोबारी समझौते होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि भारत के हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं।
मेले में ट्रेंड बूथ, यंग डिजाइनर्स कलेक्टिव और विभिन्न राज्यों के क्षेत्रीय शिल्प आकर्षण का केंद्र होंगे। पूर्वोत्तर सहित देश के अलग-अलग हिस्सों के कारीगर अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। चयनित हैंडलूम बुनकरों और हस्तशिल्प उद्यमियों को भी मंच मिलेगा।
नए स्टार्टअप और डिजाइन आधारित उत्पादों के माध्यम से भारतीय हस्तशिल्प की बदलती तस्वीर पेश की जाएगी। निर्यातकों और उद्योग से जुड़े लोगों के लिए विभिन्न ज्ञान सत्र और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।
इनमें वर्ष 2027 के वैश्विक खरीदार रुझान, एआई आधारित उत्पादन एवं सोर्सिंग, डिजिटल माध्यमों से अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर हासिल करने, यूरोपीय संघ के पर्यावरणीय नियमों, पैकेजिंग मानकों और भारत के मुक्त व्यापार समझौतों से मिलने वाले अवसरों पर चर्चा होगी।
ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता ने बताया कि मेले में खरीदारों को एक ही स्थान पर विभिन्न उत्पाद श्रेणियों के विकल्प मिल सकेंगी। अपनी जरूरत के अनुसार उत्पादों का चयन कर सकें। स्वागत समिति के अध्यक्ष अवधेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदर्शकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मांग के अनुरूप नए उत्पाद और संग्रह पेश करने का अवसर मिलेगा।
अमेरिका, ब्रिटेन और यूएई की कंपनियां भी होंगी शामिल
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने बताया कि मेले में अमेरिका, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस, जापान, कनाडा, इटली, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब समेत करीब 100 देशों के खरीदारों के आने की उम्मीद है। वालमार्ट ग्लोबल सोर्सिंग इंडिया, टारगेट, टीजेएक्स कंपनीज, होमगुड्स, लैंडमार्क ग्रुप और रिलायंस रिटेल जैसे प्रमुख कारोबारी समूहों के प्रतिनिधी भी शामिल होंगे।
