दिल्ली मेला के वैश्विक बाजार में नजर आएगा गाजीपुर का हस्तशिल्प, पहुंचेंगे 110 से अधिक देशों के खरीदार
गाजीपुर के ओडीओपी जूट वाल हैंगिंग को 13 से 17 अक्टूबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित 62वें आईएचजीएफ दिल्ली मेले में प्रदर्शित किया जाएगा।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
गाजीपुर का जूट वाल हैंगिंग दिल्ली मेले में प्रदर्शित।
110 से अधिक देशों के खरीदार होंगे शामिल।
स्थानीय हुनर को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। भारतीय हस्तशिल्प को दुनिया के बाजार तक पहुंचाने और स्थानीय हुनर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का बड़ा अवसर सामने है। 13 से 17 अक्टूबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने वाले 62वें आईएचजीएफ दिल्ली मेले में देशभर के हस्तशिल्प निर्माता और निर्यातकों के साथ गाजीपुर का ओडीओपी जूट वाल हैंगिंग का भी प्रदर्शन होगा।
दुनिया के 110 से अधिक देशों के थोक खरीदारों, रिटेल चेन, वितरकों और डिजाइनरों की भागीदारी वाला यह आयोजन कारोबारियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ने का अवसर देगा।
होम डेकोर, हस्तनिर्मित फर्नीचर, फैशन एक्सेसरीज, घरेलू वस्त्र और पर्यावरण अनुकूल उत्पादों की व्यापक रेंज के बीच गाजीपुर सहित पूर्वांचल के हस्तशिल्प कारोबारियों के लिए भी नए बाजार और कारोबार की संभावनाएं तलाशने का अवसर है।
यह मेला आम लोगों की फुटकर खरीदारी के लिए नहीं, बल्कि व्यापार और बड़े ऑर्डर से जुड़े खरीदारों तथा कारोबारियों के लिए आयोजित किया जाता है। -300-तीन, मनोज गुप्ता, 9235335717
- एक सप्ताह में दो गलत रिपोर्ट, मेडिकल कॉलेज की लैब पर सवाल
- किडनी की गंभीर बीमारी का खतरा बताने वाली रिपोर्ट निकली गलत
- घुटने की एमआरआइ में थमा दी थी ब्रेन की रिपोर्ट
मरीज बीमारी की सही जानकारी और समय पर इलाज की उम्मीद लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट ही गलत मिल जाए तो भरोसा किस पर करें। गाजीपुर के मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी लैब और जांच व्यवस्था पर एक सप्ताह के भीतर सामने आए दो मामलों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहले मामले में 26 वर्षीय युवती की रक्त जांच रिपोर्ट में किडनी से जुड़े मानक सामान्य से कई गुना अधिक बताया गया। इससे किडनी की गंभीर बीमारी की आशंका पैदा हुई। हालांकि, निजी लैब में दोबारा जांच कराने पर रिपोर्ट सामान्य आई। शिकायत के बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने भी जांच रिपोर्ट गलत होने की बात स्वीकार की।
अभी यह मामला सामने ही था कि एक सप्ताह पहले भाजपा नेता की घुटने की एमआरआई कराने के बाद उन्हें ब्रेन की रिपोर्ट दे दी गई थी। दोनों मामलों में जांच के नतीजों और रिपोर्ट की विषयवस्तु में अंतर ने मेडिकल कॉलेज की जांच व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। -(सूर्यकांत त्रिपाठी,350-9450008457)
