हस्तशिल्प निर्यातकों के लिए खुशखबरी: IHGF दिल्ली फेयर का स्टॉल शुल्क ₹8,500 से घटकर हुआ ₹2,500
वैश्विक अनिश्चितता के बीच हस्तशिल्प निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है। EPCH ने IHGF दिल्ली फेयर का भागीदारी शुल्क 8,500 ...और पढ़ें

बैठक में मौजूद सम्मानित अतिथिगण
HighLights
मुरादाबाद के निर्यातक अवधेश अग्रवाल तीसरी बार बने प्रदर्शनी समिति के अध्यक्ष
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। वैश्विक बाजार में जारी अनिश्चितता और बढ़ती लागत के बीच हस्तशिल्प निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद की प्रशासनिक समिति की दिल्ली में हुई बैठक में आईएचजीएफ दिल्ली फेयर के लगातार दो संस्करणों शरद और वसंत में भागीदारी शुल्क छह हजार रुपये प्रति वर्गमीटर कम करने का निर्णय लिया गया।
इसे ऐसे समझें कि प्रदर्शनी में 8,500 रुपए प्रति वर्ग मीटर और जीएसटी लिया जाता था। इस निर्णय के बाद अब निर्यातक को 2,500 रुपए प्रति वर्ग मीटर और जीएसटी देना होगा। साथ ही बाजार उपलब्ध कराने के साथ ही देश के प्रमुख हस्तशिल्प केंद्रों में डिजाइन, कौशल और साझा सुविधा केंद्र विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
मौजूदा समय में निर्यातक टैरिफ संबंधी अनिश्चितता, बढ़ती ढुलाई लागत और बदलती वैश्विक मांग से जूझ रहे हैं। ईपीसीएच में मुख्य संरक्षक राकेश कुमार ने बताया कि ऐसे में मेले की भागीदारी दर में छह हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की कमी से खासकर छोटे और मध्यम निर्यातकों को राहत मिलेगी।
इससे वे कम लागत में अपने नए उत्पाद विदेशी खरीदारों के सामने प्रदर्शित कर सकेंगे। ईपीसीएच अध्यक्ष डा नीरज खन्ना ने निर्यातकों की मांग पर बोर्ड मीटिंग में यह प्रस्ताव रखा। जिसे सर्वसम्मति से पास किया गया। वहीं, मुरादाबाद में आधुनिक डिजाइन केंद्र स्थापित करने पर चर्चा हुई।
इसे डब्ल्यूजीएसएन के वैश्विक रुझान संबंधी संसाधनों से जोड़ने का प्रस्ताव है, जिससे निर्यातकों को बदलते रंग, डिजाइन, सामग्री और जीवनशैली से जुड़े अंतरराष्ट्रीय रुझानों की जानकारी मिल सके। मुरादाबाद में नकद बिक्री गतिविधियों के लिए विशेष बजट का प्रस्ताव भी रखा गया।
जोधपुर में कौशल केंद्र, सहारनपुर में साझा सुविधा केंद्र
जोधपुर के बसनी केंद्र को फर्नीचर और हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए कौशल, नवाचार और प्रशिक्षण का आदर्श केंद्र बनाने की योजना है। बोरणाडा स्थित केंद्र के विस्तार के लिए आसपास की भूमि की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
सहारनपुर के साझा सुविधा केंद्र को मजबूत करने, आगरा के केंद्र का विस्तार करने और फिरोजाबाद में प्रदेश सरकार के सहयोग से नया क्लस्टर केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया जाएगा।
दिल्ली-एनसीआर और कोलकाता को भी बढ़ावा
फैशन आभूषण क्षेत्र के लिए दिल्ली-एनसीआर में साझा सुविधा केंद्र बनाने और कोलकाता में बैग एवं आभूषण क्लस्टर विकसित करने का प्रस्ताव है। कोलकाता परियोजना के लिए विशेष प्रयोजन संस्था के माध्यम से एक करोड़ रुपये की प्रारंभिक पूंजी का प्रस्ताव रखा गया है।
परिषद अध्यक्ष डाॅ. नीरज खन्ना के नेतृत्व में हुई बैठक में सदस्य निर्यातकों के व्यापक हित को प्राथमिकता देने पर जोर रहा। बैठक के फैसलों से साफ है कि कठिन वैश्विक परिस्थितियों में निर्यातकों को लागत में राहत देने के साथ डिजाइन, कौशल, साझा सुविधाओं और बाजार विस्तार पर एक साथ काम करने की रणनीति अपनाई जा रही है।
अवधेश अग्रवाल तीसरी बार बने प्रदर्शनी समिति के अध्यक्ष
मुरादाबाद के निर्यातक और एमएचईए के महासचिव अवधेश अग्रवाल को प्रदर्शनी समिति का अध्यक्ष घोषित किया गया। उन्हें यह जिम्मेदारी तीसरी बार मिली है।

मुरादाबाद के निर्यात उद्योग के लिए इसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी माना जा रहा है। प्रदर्शनी समिति के अध्यक्ष के तौर पर वह आयोजन की तैयारियों, निर्यातकों की भागीदारी और प्रदर्शनी से जुड़े विभिन्न विषयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
यह भी पढ़ें- मुरादाबाद में दर्दनाक हादसा: नो-एंट्री में घुसी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक को मारी टक्कर, पोते-पोती के सामने दादा की मौत
