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ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, तीन सदस्य गिरफ्तार

Published: Mon, 12 Oct 2026 09:33 AM (IST)

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी अधूरे ...और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ ( फोटो स्रोत जागरण )

ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ ( फोटो स्रोत जागरण )

HighLights

  1. बिसरख पुलिस ने तीन साइबर ठगों को दबोचा।

  2. अधूरे आधार कार्ड से खुलवाते थे फर्जी बैंक खाते।

  3. एक करोड़ से अधिक की ठगी का खुलासा हुआ।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपित अपने व अन्य लोगों के अधूरे व बदले पते वाले आधार कार्ड से बैंक खाते खुलवा देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों से ठगी की रकम मंगाते थे।

कई राज्यों में आरोपितों पर विभिन्न खातों को लेकर 30 से अधिक शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज हैं। इन खातों में एक करोड़ रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन मिले हैं।

गिरफ्तार तीन सदस्यों की पहचान हाथरस के सासनी के प्रेम (21), आतिश (20) व कुणाल (19) के रूप में हुई।

एक साल से सक्रिय था आरोपी

वे लालकुआं क्षेत्र में रहते थे। आरोपित करीब एक साल से सक्रिय थे। प्रभारी निरीक्षक रंजीत कुमार सिंह के मुताबिक, तीनों को इंडिया टावर के बराबर निर्माणाधीन बिल्डिंग से गिरफ्तार किया गया। वहां पर बैंक खातों में आए रुपयों के बंटवारे के लिए पासबुक लेकर हिसाब कर रहे थे।

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि अलग-अलग मोबाइल नंबर और पहचान पत्रों से बैंकों में खाते खुलवाते हैं, जिनमें लोगों से की जा रही साइबर ठगी की रकम मंगाई जाती है।

शनिवार रात भी हाथरस निवासी गिरोह के सरगना अरुण व नावेद ने तीनों को कमीशन लेने के लिए बुलाया था।

पुलिस ने धर दबोचा

वह दोनों का इंतजार कर रहे थे, तभी पुलिस ने धर लिया। जांच में सामने आया कि कुछ आधार कार्ड पर हाथरस व अन्य जनपदों के अधूरे पते दर्ज कराए गए थे। रकम नकद या इंटरनेट बैंकिंग से निकालते थे। अपना हिस्सा रखकर बाकी अरुण और नावेद को देते थे।

खाता बंद होने पर सिम और फोन तोड़कर फेंक देते थे। खाते उपलब्ध कराने वाले प्रेम, कुणाल और आतिश को मुख्य आरोपित अरुण और नावेद की ओर से बैंक में आई रकम का 20 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था।

बाकी 80 प्रतिशत अरुण और नावेद बांट लेते थे। गिरोह लोगों को निवेश के नाम पर मुनाफे का लालच देकर, ब्लैक मेलिंग, डराकर और इंटरनेट मीडिया पर विज्ञापन के झांसे में लेकर ठगी करते थे।

जांच अधिकारी निशांत मलिक ने बताया कि मुख्य आरोपित अरुण और नावेद समेत गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। अरुण भी उसी गांव का निवासी है, जहां के ये तीन युवक हैं।

कब्जे से 29 पासबुक, 23 चेकबुक, दो डेबिट कार्ड, 14 आधार कार्ड, आठ पैन कार्ड, आठ सिम, तीन मोबाइल फोन और 530 रुपये नकद बरामद किए हैं।

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