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ग्रेटर नोएडा पीएनबी हेरफेर, बैंक और पुलिस के आंकड़ों में भारी अंतर, पीड़ितों ने लगाए गंभीर आरोप

Published: Tue, 03 Nov 2026 05:25 AM (IST)

ऐच्छर गांव स्थित पीएनबी शाखा में हुए हेरफेर को लेकर बैंक और पुलिस के आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया ...और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा पीएनबी हेरफेर ( एआई जेनरेटेड इमेज )

ग्रेटर नोएडा पीएनबी हेरफेर ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. पीएनबी ऐच्छर शाखा में हेरफेर के आंकड़े भिन्न।

  2. बैंक ने 49 खातों में 10.23 करोड़ की गड़बड़ी बताई।

  3. पुलिस के अनुसार 35 पीड़ितों के 18 करोड़ का हेरफेर।

गजेंद्र पांडेय, ग्रेटर नोएडा। ऐच्छर गांव में संचालित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में हुई गड़बड़ी में हेरफेर की रकम और पीड़ित खाताधारकों की संख्या अभी भी स्पष्ट नहीं है।

बैंक प्रबंधन द्वारा सीबीआइ को दिए आंकड़े और पुलिस को पीड़ितों की तरफ से मिले खाताधारकों की संख्या व हेरफेर की राशि में अभी भी बड़ा अंतर है। जिन पीड़ित खाताधारकों को अभी राहत नहीं मिली है, उन्होंने बैंक प्रबंधन पर हेरफेर की रकम व पीड़ितों की असल संख्या दबाने के प्रयास का आरोप लगाया है।

बैंक प्रबंधक ने दिया आश्वासन

हालांकि बैंक प्रबंधन की तरफ से सभी पीड़ितों की पूरी रकम वापस करने का आश्वासन दिया गया है। करीब 10 दिन पहले पंजाब नेशनल बैंक में बड़ी संख्या में खाताधारकों की एफडी व सेविंग खाते की रकम में हेरफेर का मामला सामने आया था। बैंक प्रबंधन को इसकी पहले ही भनक लग गई थी।

घटना सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन ने बताया कि आरोपित शाखा प्रबंधन समेत छह बैंककर्मियों को निलंबित कर दिया था। विभागीय विजिलेंस से जांच कराकर रिपोर्ट सीबीआइ को सौंप कर कार्यालय सहायक दीपांशी व पांच अन्य खाताधारकों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया था। इसके बाद से सीबीआइ जांच कर रही है।

खास बात यह है कि बैंक प्रबंधन द्वारा सीबीआइ को सौंपी रिपोर्ट में 49 खाताधारकों की करीब 10.23 करोड़ रकम ही हेरफेर होने की बात कही गई थी। पीड़ितों के हंगामा करने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाकर शांत किया।

इसके बाद पीड़ितों से शिकायती पत्र लेकर अज्ञात बैंककर्मियों पर केस दर्ज किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार 35 पीड़ितों ने शिकायती पत्र दिए हैं, इनकी हेरफेर की राशि करीब 18 करोड़ रुपये होने का दावा है।

यानी बैंक प्रबंधन व पुलिस के आंकड़ों में करीब आठ करोड़ का अंतर है। जबकि पहले दिन सैकड़ों खाताधारकों की 35 करोड़ से अधिक धनराशि हेरफेर का आरोप लगाया गया था।

दोनों के आंकड़ों में क्या अंतर है

बैंक ने पीड़ितों की संख्या तो पुलिस से अधिक बताई है, लेकिन हेरफेर की धनराशि कम रखी है। बैंक ने 49 खाताधारकों की 10.23 करोड़ की रकम हेरफेर की बात कही है। जबकि पुलिस के पास पीड़ितों की संख्या सिर्फ 35 और हेरफेर की रकम करीब 18 करोड़ रुपये दर्ज की गई है।

आरोप है कि बैंक प्रबंधन ने कई बड़े खाताधारकों के नाम व हेरफेर की धनराशि सीबीआइ को सौंपी जांच रिपोर्ट में शामिल नहीं की।

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