ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में नवजात का 2.60 लाख में हुआ था सौदा, हॉस्पिटल प्रशासन ने कहा- मां ने गरीबी में त्यागी बच्ची
ग्रेटर नोएडा के नवजीवन अस्पताल में नवजात बच्ची को 2.60 लाख रुपये में बेचने के मामले में पुलिस ने अस्पताल ...और पढ़ें

आरोपित नवजीवन अस्पताल की मालिक दिल्ली निवासी यशिका गर्ग, बुलंदशहर निवासी अस्पताल के सफाईकर्मी गजेन्द्र सिंह और बुलंदशहर निवासी अस्पताल के टेक्नीशियन रंजीत सिंह जेल भेजे गए।

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जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली पुलिस ने नवजात बच्ची का सौदा करने के प्रकरण में आरोपित नवजीवन अस्पताल की मालिक दिल्ली निवासी यशिका गर्ग, बुलंदशहर निवासी अस्पताल के सफाईकर्मी गजेन्द्र सिंह और बुलंदशहर निवासी अस्पताल के टेक्नीशियन रंजीत सिंह को रविवार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
बच्ची को हॉस्पिटल वालों को सौंपा
पुलिस ने पांच आरोपिताें के खिलाफ मामला दर्ज किया था। गोद लेने वाले दंपती से संपर्क करने वाली आरोपित नर्स पुष्पा और उसके फरार पति की पुलिस टीमें तलाश कर रही हैं। ऐसी आशंका भी जताई जा रही है कि नवजात बच्ची अविवाहित युवती की हो सकती है। जो कि लोक-लाज के भय से डिलीवरी के बाद बच्ची को अस्पताल प्रबंधन के हवाले कर लापता हो गई।
बच्ची देकर खरीदार से रुपये लेने भेजा
बता दें कि एएचटीयू व बिसरख कोतवाली पुलिस ने बच्ची को रेस्क्यू कर शनिवार को अस्पताल की मालिक समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में पता चला था कि रंजीत और गजेन्द्र वर्तमान में पतवाड़ी गांव में रहते थे। घटना के दिन यशिका गर्ग ने उन्हें बच्ची देकर खरीदार से रुपये लेने भेजा था। रंगेहाथ धरे जाने के बाद दोनों आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने पतवाड़ी स्थित मकान से यशिका गर्ग को गिरफ्तार किया था।
कौन है अंजलि जिसने त्यागी बच्च
पुलिस की पूछताछ में यशिका ने दावा किया था कि पांच दिन पहले अंजली नामक महिला ने अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। महिला ने आर्थिक तंगी का हवाला देकर बच्ची को पालन पाेषण के लिए अच्छे परिवार में देने की हामी भरी थी। उसने अस्पताल का पूरा बिल भी जमा नहीं किया था। यशिका ने लालच में आकर बच्ची का सौदा करने की साजिश रची। अस्पताल की नर्स पुष्पा ने सोसाइटी में बच्ची के गोद देने की बात फैलाई थी।
तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजा
पुष्पा और उसके पति ने ही नोएडा निवासी गोद लेने के इच्छुक व्यक्ति से संपर्क कर 2.60 लाख में बच्ची का सौदा किया था। आरोपित दंपती प्रकरण के पर्दाफाश में अहम कड़ी माने जा रहे हैं। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी का कहना है कि चाइल्ड हेल्पलाइन से मिली सूचना के बाद एएचटीयू व पुलिस ने बच्ची को रेस्क्यू कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। जांच पूरी होने पर ही कुछ बताया जा सकता है।
मां के मिलने पर मिलेंगे सारे जवाब
सूत्रों के अनुसार अस्पताल की मालिक यशिका द्वारा जिस अंजली नामक महिला की बच्ची बताई जा रही है। वह भी लापता है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज से उसकी पहचान का प्रयास किया जा रहा है। उक्त महिला के मिलने पर ही अस्पताल की मालिक द्वारा किए गए दावों की हकीकत सामने आएगी। बच्ची को जन्म देने वाली महिला विवाहित थी या अविवाहित थी, इस एंगल से भी जांच की जा रही है।
नवजात को शिशु गृह में कराया गया दाखिल
कार्रवाई के दौरान टीम ने स्कूटी, तीन मोबाइल फोन बरामद किए थे। स्कूटी सीज कर दी गई है। मोबाइल फोन फारेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। फिलहाल बच्ची को चाइल्ड लाइन टीम के सुपुर्द करने और मेडिकल जांच के बाद सेक्टर-12/22 स्थित साईं कृपा शिशु गृह में दाखिल करा दिया गया है।
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