ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण पर पैनी नजर, दो नए एयर मॉनिटरिंग स्टेशन शुरू; अब 6 सेंटरों से होगी निगरानी
ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण पर नज़र रखने के लिए दो नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन शुरू किए गए हैं, ...और पढ़ें
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नोएडा सेक्टर-16 के पास छाए स्माग के बीच जाती मेट्रो। सौरभ राय
HighLights
ग्रेटर नोएडा में दो नए एयर क्वालिटी स्टेशन शुरू हुए।
अब कुल छह स्टेशनों से वायु गुणवत्ता की निगरानी होगी।
औसत एक्यूआई 310, बेहद खराब श्रेणी में दर्ज।
रंजीत मिश्रा, ग्रेटर नोएडा। शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नजर रखने के लिए दो नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन शुरू कर दिए गए हैं। इसके साथ ही अब ग्रेटर नोएडा में कुल छह स्टेशनों से वायु गुणवत्ता की मॉनिटरिंग होगी।
इससे अलग-अलग इलाकों की हवा का सटीक डेटा मिल सकेगा और प्रदूषण के हॉटस्पॉट की पहचान आसान होगी। शुक्रवार सुबह 10 बजे के आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा का औसत एक्यूआई 310 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में है।
232 एक्यूआई दर्ज
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक इस हवा में रहने से सांस की बीमारी हो सकती है। ऐप पर दिख रहे आंकड़ों में गौर यमुना सिटी में सबसे ज्यादा 352, घोड़ी बछेड़ा में 346, नॉलेज पार्क-Ilतीन में 316, शिव नादर यूनिवर्सिटी में 303 और नालेज पार्क-5 में 232 एक्यूआई दर्ज हुआ।
हवा बेहद खराब
पिछले दिनों की बात करें तो 3 नवंबर को 189, 4 नवंबर को 309 और 5 नवंबर को 238 एक्यूआई रहा। नवंबर की शुरुआत से ही हवा खराब से बेहद खराब के बीच बनी हुई है।
नए स्टेशनों के शुरू होने से प्राधिकरण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इलाका वार कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। जहां प्रदूषण ज्यादा होगा, वहां एंटी-स्मॉग गन, पानी का छिड़काव और निर्माण कार्यों पर निगरानी बढ़ाई जा सकेगी।
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