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ग्रेटर नोएडा के जीबीयू में गूंजे वैदिक मंत्र, 1200 महिलाओं ने 108 कुंडों पर किया राष्ट्र वंदन के साथ हवन

Published: Sat, 19 Sep 2026 11:12 PM (IST)

गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में प्रेरणा विमर्श-2026 के शुभारंभ पर 108 कुंडीय 'नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ' का आयोजन किया ...और पढ़ें

प्रेरणा विमर्श-2026 के शुभारंभ अवसर पर 108 कुंडीय ‘नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ’ का आयोजन किया गया।

प्रेरणा विमर्श-2026 के शुभारंभ अवसर पर 108 कुंडीय ‘नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ’ का आयोजन किया गया।

HighLights

  1. जीबीयू में 108 कुंडीय 'नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ' आयोजित।

  2. 1200 महिलाओं ने राष्ट्र की सुख-समृद्धि हेतु आहुतियां दीं।

  3. महिलाओं ने राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्थान का संकल्प लिया।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय परिसर शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चार और राष्ट्र वंदन के स्वर से गूंज उठा। जीबीयू में आयोजित प्रेरणा विमर्श-2026 के शुभारंभ अवसर पर 108 कुंडीय ‘नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ’ का आयोजन किया गया।

108 हवन कुंडों पर 1200 महिलाओं ने वैदिक मंत्रों के बीच राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति के लिए आहुतियां अर्पित कीं। यज्ञ के दौरान महिलाओं ने राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्थान में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प भी लिया।

रविवार को आयोजित सृजन संवाद में साथ ही जेन-जी को सही मार्गदर्शन देने के लिए विभिन्न विषयों पर चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा।

प्रेरणा विमर्श की सचिव मोनिका चौहान ने कहा कि प्रेरणा शोध संस्थान न्यास की ओर से प्रत्येक वर्ष प्रेरणा विमर्श के शुभारंभ अवसर पर नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से मातृशक्तियों को जोड़कर विकसित भारत 2047 में नेतृत्व की क्षमता के लिए तैयार करना है।

इसके अलावा उनको सामर्थ्य बनाने और दूसरों को भी प्रेरित करने के लिए तैयार किया जाएगा। साथ ही जेन-जी पर उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी दूसरों की कुछ बातों पर बहकावे में आ जाते हैं और वह उत्साह में कुछ भी तैयार हो जाते हैं।

हालांकि युवा पीढ़ी में उत्हास होना आवश्यक है, लेकिन उनको किस तरह से सही मार्गदर्शन दिया जाए और सही रास्ते पर लाया जाए, जिससे आने वाले समय में देश का नेतृत्व करने के साथ विकसित भारत बनाने में अहम भूमिका निभाएं। इस पर सृजन संवाद में चर्चा कर समाधान निकाले जाएंगे।

इसमें देशभर से डाॅक्टर, प्रोफेसर, अधिवक्ताओं के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, पत्रकार, प्रबुद्धजन शामिल होंगे। भारतीय संस्कृति में यज्ञ को केवल धार्मिक अनुष्ठान के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि यह सामूहिक संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण की परंपरा भी है।

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इसी विचार को केंद्र में रखते हुए नारी शक्ति को राष्ट्र निर्माण की विचारधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यज्ञ के माध्यम से महिलाओं को सामाजिक चेतना, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जोड़ने का संदेश दिया गया।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में जीबीयू से यज्ञ परंपरा की शुरुआत हुई थी। अब हर वर्ष आयोजन का विस्तार किया जा रहा है। पहली बार कार्यक्रम में 600 मातृ शक्तियों ने प्रतिभाग किया था, और यह चौथा संस्करण अब 1200 मातृ शक्तियों ने प्रतिभाग किया है। उनका प्रयास है कि यह संख्या लगातार बढ़ाना।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेरणा शोध संस्थान न्यास की अध्यक्षा प्रीति दादू ने की। नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ से पहले विश्वविद्यालय परिसर में विशेष कार्यक्रम हुआ। प्रेरणा विमर्श-2026 के संरक्षक एवं जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने परिसर में स्थित भगवान बुद्ध, भारत रत्न डाॅ. भीमराव आंबेडकर सहित बौद्ध भिक्षुओं की प्रतिमाओं पर पुष्पार्चन और माल्यार्पण किया।

प्रेरणा विमर्श-2026 की प्रदर्शनी का उद्घाटन राष्ट्र सेविका समिति की मुख्य कार्यवाहिका सीता अन्नदानमगायित्री ने किया। उन्होंने कहा कि परिवार से लेकर समाज तक महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और संस्कारवान एवं जागरूक नारी समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

प्रदर्शनी में आयोजन से जुड़े विभिन्न विषयों और गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया। नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ विषय पर आयोजित प्रेरणा विमर्श-2026 में नारी सम्मान, युवा शक्ति, सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।विशिष्ट अतिथि अरुणा सिंह रहीं।

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