दीवाली पर निजी बस संचालकों की बढ़ी मनमानी, चार से छह गुना वसूला जा रहा किरया; सुविधा के नाम पर 'जीरो'
दीवाली के मौके पर निजी बस संचालकों की मनमानी बढ़ गई है। यात्रियों का कहना है कि सामान्य दिनों से ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड
HighLights
निजी बसें दीवाली पर चार से छह गुना किराया वसूल रहीं।
ऑनलाइन बुकिंग में भी यात्रियों से अधिक पैसे लिए जा रहे।
सुविधाओं की कमी, माल ढुलाई से यात्रियों की सुरक्षा खतरे में।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। दीवाली त्योहार के आते ही निजी बस संचालकों की मनमानी शुरू हो चुकी है। सामान्य दिनों के मुकाबले चार से पांच गुना किराया बढ़ा दिया है। इसके बाद भी तय नहीं है कि यात्री को चार से पांच गुना किराया भुगतान करने पर भी सामान्य दिनों जैसी सुविधा मिलेगी भी या नहीं।
यात्रियों ने आरोप लगाया है कि बस संचालक टिकट ऑनलाइन बुक करा रहे हैं, जिनमें चार से पांच गुना अधिक किराया भुगतान करना पड़ रहा है और सुविधाओं के नाम पर जीरो स्थिति दिखाई दे रही है।
दिल्ली से कानपुर और लखनऊ का कितना किराया?
बता दें कि सामान्य दिनों में कानपुर जाने के लिए यात्री को मात्र 500 रुपये किराया देना होता है, लेकिन मौजूदा समय दो से तीन हजार रुपये देना पड़ रहा है। इसी तरह लखनऊ के लिए 700 की बजाय तीन से चार हजार, गोरखपुर के लिए एक हजार की बजाय 6500 रुपये, हमीरपुर के लिए सात सौ के बजाय तीन हजार रुपये, बुंदेलखंड के लिए आठ के बजाय चार हजार रुपये, इटावा के लिए चार के बजाय 1500 से दो हजार रुपये तक किराया देना पड़ रहा है।

बसों में नहीं मिल रही सामान्य सुविधा
यात्रियों का आरोप है कि टिकट बुक करते समय कुछ दाम दिखाई पड़ते हैं और पेमेंट करते समय एक हजार से 1500 रुपये बढ़ जाते हैं। इसके बाद भी उन्हें बैठने तक की सही से सुविधा नहीं मिल रही है। यात्रियों के बैठाने के साथ ही माल लादकर चल रहीं बसें उनके जान से खिलवाड़ कर रही हैं।