मेक इन इंडिया के नाम पर चीन के फुस्स हथियारों वाले वायरल कर रहे वीडियो, नोएडा की रक्षा कंपनी पहुंची साइबर थाने
नोएडा की अकिला टेक्नोलाॅजी ने एक विदेशी प्रोफाइल सर्गेई मोसिएन्को के खिलाफ साइबर क्राइम का मामला दर्ज कराया है। आरोप ...और पढ़ें

मुकदमा दर्ज होने के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले में ऑनलाइन वेबसाइट और प्रोफाइल की जांच शुरू कर दी है।
HighLights
नोएडा की रक्षा कंपनी ने साइबर क्राइम केस दर्ज कराया।
विदेशी प्रोफाइल पर भारतीय सेना को बदनाम करने का आरोप।
मेक इन इंडिया और चीनी उपकरणों पर गलत दावे।
जागरण संवाददाता, नोएडा। सेक्टर आठ में रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में काम करने वाली अकिला टेक्नोलाॅजी एंड इंटीग्रेशन साॅल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक ने सर्गेई मोसिएन्को पर साइबर क्राइम का केस दर्ज कराया है।
वेबसाइट और प्रोफाइल की जांच शुरू
शिकायत में कहा है कि विदेशी प्रोफाइल के जरिए भारतीय सेना की प्रतिष्ठा को गुमराह करते हुए बिना जानकारी के चीनी उपकरणों का इस्तेमाल एवं मेक इन इंडिया के गलत दावे बताकर बदनाम करने की साजिश की जा रही है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले में ऑनलाइन वेबसाइट और प्रोफाइल की जांच शुरू कर दी है।
भारतीय सशस्त्र बलों से जुड़े लोगों पर गलत टिप्पणी
निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार मागो ने शिकायत में बताया कि सर्गेई मोसिएन्को प्रोफाइल से लगातार आरआईएमसीओ के उत्पादों का प्रचार किया जा रहा है। भारतीय रक्षा कंपनी, ड्रोन बनाने वाली कंपनी और भारतीय सशस्त्र बलों से जुड़े लोगों पर गलत टिप्पणी और दावे किए जा रहे हैं।
चीनी उपकरणों को बता रहे भारतीय
प्रोफाइल पर लगातार गलत प्रचार-प्रसार से कंपनी की प्रतिष्ठा, कारोबारी हित और ग्राहकों का विश्वास प्रभावित होने की संभावना है। उनका गंभीर आरोप है कि प्रोफाइल से भारतीय रक्षा क्षेत्र की कंपनियों पर सेना को गुमराह करने, बिना जानकारी के चीनी उपकरणों का इस्तेमाल करने और मेक इन इंडिया के संबंध में गलत दावे किए जा रहे हैं।
जांच के लिए टीम बनाई गई
इससे उनकी तकनीकी क्षमता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को संदिग्ध प्रोफाइल के संचालक की पहचान, उसकी संबद्धता और खाते के नियंत्रण की जांच कर विधिक कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने आरोपों की गंभीरता से जांच करने की मांग की है। साइबर क्राइम थाना पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच के लिए टीम बनाई गई है। विदेशी नागरिक की प्रोफाइल का अध्ययन किया जा रहा है।
