ग्रेटर नोएडा में 5 मौतों के केस में बड़ा खुलासा, जहरीले रसायन की खरीद पर गहराया रहस्य; एक झटके में उजड़ा परिवार
ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में एक परिवार के पांच सदस्यों की मौत के मामले में तीन माह पहले मंगाया गया जहरीला रसायन जांच का अहम पहलू बन गया है।

ग्रेटर नोएडा में पांच मौतों का मामला। जागरण
HighLights
रबूपुरा में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध मौत।
तीन माह पहले ऑनलाइन मंगाया गया जहरीला सोडियम नाइट्राइट।
संपत्ति विवाद के चलते परिवार के आत्महत्या की आशंका।
मनोज कुमार शर्मा, जेवर (ग्रेटर नोएडा)। ग्रेटर नोएडा में रबूपुरा के नगला पदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के मामले में तीन माह पुरानी रासायनिक पदार्थ की खरीद जांच का अहम पहलू बन गई है।
सूत्रों के मुताबिक, 11 जुलाई को महेश के बेटे साक्षात के नाम पर बनी साक्षा फर्म के लिए गाजियाबाद से 500-500 ग्राम सोडियम नाइट्राइट के दो पैकेट 1296 रुपये डिलीवरी हुए थे।
17 अक्टूबर को महेश, उसकी पत्नी ललिता और तीन बच्चों के मृत मिलने के बाद इस जहरीले रसायन को मंगाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने इसके सेवन को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बचाव किया।
वहीं, सूत्रों की मानें तो पुलिस जहरीले रसायन की खरीद किसने की और उसकी डिलीवरी से जुड़े अहम तथ्यों की जांच कर रही है।

बड़ी बहन के नाम कर दी संपत्ति
जानकारी के मुताबिक, महेश गांव की जमीन के मुआवजे, दिल्ली स्थित पुश्तैनी मकान को बहनों को देने के बाद से परेशान था। जिस मकान में वह परिवार के साथ रहता था, जो परिवार के सिर छुपाने का अंतिम आशियाना बचा था। उसकी मां चंद्रवती ने 18 अगस्त 2025 को 200 वर्गगज का यह मकान उसकी बड़ी बहन सुनीता के नाम कर दिया था।
महेश को मकान के दाखिल खारिज होने के बाद इसकी जानकारी अगस्त में मिली, तो उसने धोखा महसूस करते हुए आत्महत्या की पटकथा लिख डाली।
ग्रामीणों के मुताबिक, महेश अपने नजदीकियों से आत्महत्या करने की बात भी कहता था। उसने पहले भी जहर खाकर जान देने का प्रयास किया और अपने पास ऐसे जहरीले पदार्थ होने की बात कहता था, जिससे थोड़ी देर में जान जा सकती है।

सूत्रों के मुताबिक महेश ने अपने मकान पर दुकान के पास साक्षा फर्म का पोस्टर भी लगा रखा था, यहीं पर जहरीले पदार्थ की डिलीवरी हुई थी। पोस्टर पर वॉलेट, एटीएम कार्ड और बिजनेस कार्ड संबंधी सुविधाएं देने का उल्लेख था। मौत के कारण और रसायन की संभावित भूमिका की पुष्टि विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
पूर्व में ई-कॉमर्स साइट से सल्फास मंगाया
जेवर के मोहल्ला कानूनगोयान निवासी मोनू जेवर कस्बे में ही मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक समान की दुकान चलाते थे। किसी बात को लेकर परिजनों से माेनू की अनबन हो गई।
इसी से नाराज होकर मोनू ने 17 फरवरी को ई-कॉमर्स वेबसाइट से साल्फास ऑर्डर कर दिया, जिसकी डिलीवरी होने के बाद मोनू ने जेवर से दनकौर पहुंचकर विषाक्त पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली।
क्या है सोडियम नाइट्राइट
विशेषज्ञों के अनुसार, इंडस्ट्रीज में इस्तेमाल के साथ ही उर्वरकों, फूड प्रिजर्वेटिव के तौर पर प्रयोग होता है। साथ ही मांस कारोबारी ज्यादा दिनों तक रंग और ताजगी बनाए रखने के लिए इसका प्रयोग करते हैं। कम मात्रा में सेवन से बहुत कम नुकसान होता है, लेकिन एक ग्राम या उससे अधिक सोडियम नाइट्राइट की ओवर डोज लेने से रक्त में हीमोग्लोबिन को मेथेमोग्लोबिन में बदलने का काम करता है।
इससे रक्त की ऑक्सीजन को शरीर के अंगों तक पहुंचाने की क्षमता घट जाती है। परिणामस्वरूप मस्तिष्क, हृदय और अन्य महत्वपूर्ण अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती जिससे मौत हो सकती है।
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