यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP Crime News : मुजफ्फरनगर में टाइमर बम की मास्टरमाइंड इमराना गिरफ्तार, पूछताछ में मिली चौंकाने वाली जानकारी
Muzaffarnagar News करीब 15 साल पहले तक इमराना भट्ठे पर मजदूरी करती थी। आज उसके कई प्लाट व मकान हैं। ...और पढ़ें

HighLights
- बम बनाने वाले जावेद से बड़ा है इमराना का नेटवर्क, पूछताछ जारी
- एक दिन पूर्व पकड़े गए बम बनाने के आरोपित जावेद को जेल भेजा
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। टाइमर बम बनवाने की मास्टरमाइंड महिला इमराना को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। इमराना के कहने पर ही जावेद ने बम बनाए थे। शुक्रवार को बम की डिलीवरी करने उसके गांव जा रहे जावेद को गिरफ्तार किया गया था। इमराना ने मुजफ्फरनगर दंगे और सीएए के विरोध में हुए बवाल में सौ बम लोगों को बांटे थे। इमराना से पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं।
इमराना का नेटवर्क बम बनाने वाले जावेद से बड़ा माना जा रहा है, जो दिल्ली से लेकर कई जिलों में फैला है। झाड़फूंक का काम करने वाली इमराना को इमराना बाबा के नाम से जाना जाता है। जावेद की गिरफ्तारी के बाद से ही एसटीएफ और पुलिस इमराना की तलाश में जुटी थी।
सीएए दंगे के दौरान भी इमराना ने बम मुहैया कराए थे
शनिवार शाम 45 वर्षीय इमराना को उसके घर से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सीएए के विरुद्ध हुए दंगे के दौरान भी इमराना ने बम मुहैया कराए थे। बताया जा रहा है कि अब लोकसभा चुनाव से पहले सीएए लागू करने की होने वाली घोषणा को लेकर इमराना ने जावेद से बम बनवाए थे। इमराना के पीछे किन संगठनों का हाथ है और उनकी मंशा क्या है, यह इमराना से पूछताछ के बाद ही पता चलेगा। एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि इमराना से पूछताछ की जा रही है।
इमराना की बीमारी की दवा भी जरीफ से चलती थी
एसटीएफ एएसपी बृजेश सिंह ने बताया कि इमराना जावेद के पिता जरीफ अहमद से 2009 से जुड़ी हुई है। जावेद के पिता हकीम का काम करते है। इमराना की बीमारी की दवा भी जरीफ से चलती थी। तभी से जावेद के संपर्क में आ गई थी। 2009 में भी इमराना ने जावेद से दो बम तैयार कराए थे। एक बम का प्रयोग चलाकर किया गया था, जबकि दूसरे को काली नदी में फेंक दिया था।
इमराना के घर को आग लगाकर उसका घोड़ा लूट लिया था
मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान इमराना के घर को आग लगाकर उसका घोड़ा लूट लिया था। तब इमराना ने जावेद से संपर्क कर 55 बम तैयार कराए थे। कुछ बमों का प्रयोग दंगों में किया था। बाकी काफी दिनों तक उसके घर पर रखे थे। उसके बाद इमराना ने बाकी बमों को काली नदी में फेंक दिया था। इमराना को फिर से दंगे होने का डर था, इसलिए उसने घर में रखने के लिए चार बम तैयार कराए थे।
