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राकेश टिकैत बोले- किसानों का 72 करोड़ दबाए बैठी भैसाना शुगर मिल करे भुगतान, वरना महापंचायत में लेंगे बड़ा निर्णय

By Sanjeev Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Thu, 10 Sep 2026 07:03 PM (GMT+05:30)

Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर की भैसाना शुगर मिल पर किसानों का 72 करोड़ रुपये बकाया है। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता ...और पढ़ें

राकेश टिकैत

राकेश टिकैत

HighLights

  1. शुगर मिल के पास 1.33 लाख कुंतल चीनी का भंडारण

  2. जिला गन्ना अधिकारी ने सितंबर में भुगतान का निर्देश दिया।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। शुगर मिलों में नए गन्ना सत्र की तैयारी चल रही है। किसानों को पर्ची का कैलेंडर जारी किया जा रहा है। चीनी की डिमांड को देखते हुए इस बार शुगर मिल अक्टूबर के मध्य से चलाने पर मंथन चल रहा है। जनपद में आठ शुगर मिलें हैं। ऐसे में किसान अच्छा गन्ना मूल्य चाहता है।

वहीं, बजाज ग्रुप की भैसाना शुगर मिल से किसानों की भुगतान संबंधित मांग भी है। वह पिछले सत्र का पूर्ण भुगतान सितंबर में ही चाहते हैं। शुगर मिल पर किसानों का 72 करोड़ रुपये बकाया है। जिला गन्ना अधिकारी ने चीनी बेचकर सितंबर में पूर्ण भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।

उधर, भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत का कहना है कि आगामी 17 सितंबर को राजकीय इंटर कालेज में महापंचायत है, महापंचायत से पहले प्रशासन किसानों का समस्त भुगतान करा दे, अन्यथा महापंचायत में बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।

चीनी मिलों में नया गन्ना पेराई सत्र को लेकर तैयारी तेज हो गई है। सफाई कार्य समेत अन्य व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। वहीं, गन्ना विभाग से पर्ची कैलेंडर का कार्य अंतिम दौर में है।

चीनी की बढ़ती डिमांड के चलते इस बार अक्टूबर के मध्य से शुगर मिल संचालन की दिशा में कार्य हो रहा है। नए गन्ना सत्र में जहां किसानों की सबसे बड़ी मांग गन्ना मूल्य है। भाकियू समेत विभिन्न किसान संगठनों ने इस बार गन्ना मूल्य 500 रुपये प्रति कुंतल के पार करने की प्रदेश सरकार से मांग की है।

पिछले साल के भुगतान को लेकर जनपद की सात शुगर मिलों के किसान संतुष्ट हैं। समस्त भुगतान चार माह पूर्व कर दिया गया, लेकिन भैसाना शुगर मिल पर अब भी पिछले साल का बकाया है। शुगर मिल पर किसानों का 72 करोड़ रुपये बकाया है।

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वहीं, शुगर मिल के पास 1.33 लाख कुंतल चीनी का भंडारण है। चीनी के थोक दाम लगभग 50-52 रुपये प्रति कुंतल हैं। ऐसे में शुगर मिल चीनी बेचकर किसानों का लगभग 65 करोड़ रुपये का भुगतान कर सकती है। जिला गन्ना अधिकारी संजय सिंह सिसौदिया ने बताया कि भैसाना शुगर मिल पर इसी माह चीनी बेचकर किसानों का पूर्ण भुगतान को दबाव बना रखा है।

तेजी में चीनी बेचकर हो सकता था भुगतान

चीनी के थोक दाम बीते दिनों छह हजार रुपये प्रति कुंतल को पार कर गए थे। ऐसे में भैसाना शुगर मिल के पास चीनी बेचकर किसानों का समस्त भुगतान करने का अच्छा अवसर था, लेकिन मिल प्रशासन लगातार बढ़ते भाव को देख और अधिक तेजी की उम्मीद में रहा। इसके चलते कम चीनी बेची गई। 15 दिन में शुगर मिल ने किसानों का केवल आठ करोड़ रुपये का भुगतान किया है।

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17 की महापंचायत में रखेंगे मुद्दा

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत का कहना है कि जब जनपद की सात शुगर मिल चार माह पूर्व भुगतान कर सकती हैं तो भैसाना शुगर मिल क्याें नहीं? किसानों का पैसा मिल दबाए बैठी है। आगामी 17 सितंबर को राजकीय इंटर कालेज में महापंचायत है, जिसमें गन्ना भुगतान का मुद्दा अहम रहेगा। महापंचायत से पहले प्रशासन किसानों का समस्त भुगतान करा दे, अन्यथा महापंचायत में बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।