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राकेश टिकैत ने याद दिलाया मेरठ कमिश्नरी का 1987 वाला आंदोलन, अगले दिन अफसरों के पक्का वादा करने पर BKU का घेराव खत्म

By Anuj Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 02 Sep 2026 04:06 PM (IST)

Meerut News: भारतीय किसान यूनियन ने मेरठ में कमिश्नरी का घेराव कर महापंचायत की, जिसमें किसानों की समस्याओं का समाधान ...और पढ़ें

मेरठ में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत को संबोधित करते भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत।

मेरठ में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत को संबोधित करते भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत।

HighLights

  1. वापस लिए जाएंगे किसानों के नलकूप कनेक्शन के बढे़ लोड।

  2. ज्यादा ब्याज वसूली, खाद में भ्रष्टाचार की जांच करेंगे अपर आयुक्त।

जागरण संवाददाता, मेरठ। किसानों की 40 से ज्यादा समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन की मंगलवार को कमिश्नर कार्यालय का घेराव करके वहीं पर शुरू हुई महापंचायत बुधवार सुबह को जिला स्तरीय अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त हुई।

मंगलवार रात में 5 घंटे से ज्यादा किसानों के साथ कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी ने वार्ता की थी, लेकिन जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा धरना स्थल पर आकर आश्वासन न दिए जाने के कारण आंदोलन समाप्त नहीं किया गया था। बुधवार सुबह एटीएम सिटी और एसपी सिटी ने धरने पर पहुंचकर किसानों से उनकी समस्याओं के समाधान का वादा किया।

इससे पहले मंगलवार को जिले भर से कई सौ ट्रैक्टर लेकर बड़ी संख्या में किसान कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। किसानों ने ट्रैक्टरों पर तिरंगा लगाकर तिरंगा यात्रा निकाली और कमिश्नरी चौराहा ट्रैक्टरों से जाम कर दिया था। किसानों ने वहीं पर महापंचायत की, जिसे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी संबोधित किया।

'अधिकारी, किसानों की बात न माने तो 1987 के आंदोलन का इस बार चालीस साला कर देना'

महापंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंगलवार को कहा था कि किसानों की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2013 के सर्किल रेट से किया जा रहा है। जमीन लेनी है तो मौजूदा बाजारी रेट का चार गुना दिया जाए।अन्यथा सर्किल रेट बढ़ाएं। किसानों की फसलों के दाम नहीं बढ़ रहे हैं। चीनी महंगी हो गई है तो इसका लाभ किसानों को दिया जाए।

गन्ना मूल्य 500 रुपये होना चाहिए। आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों के नए संगठन बना दिए हैं और केवल उन्हीं से बात कर रही है। सरकार किसानों की जमीन खरीदकर व्यापारियों को दे रही है। नौकरी भी केवल आरएसएस का प्रशिक्षण लेने वाले परिवारों के लोगों को ही दी जा रही है।संघ की शाखाएं चल रही हैं और हमारे शिक्षा प्रकोष्ठ को अपंजीकृत बताया जा रहा है।

राकेश टिकैत ने कहा कि लगभग 40 साल पहले इसी कमिश्नरी चौराहा पर भाकियू का ऐतिहासिक आंदोलन हुआ था। अधिकारी किसानों की बात न माने तो उस आंदोलन का इस बार चालीस साला कर देना।

1987 के आंदोलन में शामिल कई सौ किसान रहे मौजूद

जिलाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने 222 गांवों में संपर्क करके उन किसानों को तलाश करके पंचायत में बुलाया है जो 1987 के आंदोलन में शामिल रहे। राकेश टिकैत ने उन लोगों के हाथ उठवाए तो कई सौ हाथ उठे।

सुबह सात बजे अपर जिलाधिकारी और एसपी सिटी धरना स्थल पर पहुंचे

बुधवार सुबह सवेरे 7:00 बजे अपर जिलाधिकारी नगर बृजेश सिंह और एसपी सिटी धरना स्थल पर पहुंच गए और उन्होंने किसने की सभी मांगों पर लिए गए हुए निर्णय की जानकारी दी, किसानों की समस्याओं के समाधान का उन्होंने पक्का वादा किया इसके बाद किसानों ने अपने कमिश्नरी घेराव और महापंचायत को समाप्त करने की घोषणा की।

रात में हुई समझौता वार्ता में मंडलायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाना चाहिए अन्यथा जायज निस्तारण न होने और शिकायत आने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई जाएगी। वार्ता में जगत सिंह, देशपाल, अनूप, सत्येंद्र, हर्ष चाहल, रामफल शर्मा, नरेश मवाना, मोनू टिकरी, सुनील, सत्ते, अभिषेक , महिपाल, जसबीर, मनोज मौजूद रहे।

वार्ता के दौरान लिए गए निर्णय.......

  • नलकूप कनेक्शन ऊपर बिजली के बढे लोड बढ़े का आकलन पिछले 6 माह की जांच करके किया जाएगा। जबरन बढ़ाए गए लोड वापस होंगे तथा वसूली गई पेनल्टी राशि को जमानत राशि में और किसान के बिल में समायोजित किया जाएगा।
  • ट्रांसफार्मर फूंकने पर दो से तीन में न बदले जाने पर संबंधित पर कार्रवाई होगी।
  • जहां बिजली लाइनों के तार चोरी हुए हैं वहां एक सप्ताह में नए तार हर हाल में डाले जाएंगे । तार चोरी स्टार्टर चोरी की घटनाओं में पुलिस थानों में किसान की तहरीर पर रिपोर्ट होगी। जर्जर तार बदले जाएंगे।
  • खाद समितियों में ब्याज एवं खाद वितरण मैं घोटाले और मनमानी की जांच अपर आयुक्त अमित सिंह करेंगे।
  • किसानों से की गई तीन प्रतिशत से अधिक ब्याज वसूली की राशि वापिस कराई जाएगी।
  • सीडीओ की निगरानी में किसानों को डीएपी उपलब्ध कराया जाएगा।
  • किनौनी शुगर मिल पर बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान हर हाल में नया गणना सत्र शुरू होने से पहले कराया जाएगा।
  • पांच नए तालाब साफ कराए जाएंगे।
  • पशु चिकित्सालयों में दवाओं की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी, लम्पी रोग की वैक्सीन को प्राथमिकता से लगाई जाएगी।
  • जाटोली, नंगला ताशी में नाला पुर्ननिर्माण किया जायेगा, खस्ता हाल ग्रामीण सड़कों को इस वित्तीय वर्ष में बनाया जाएगा।
  • खटकी गांव में तीन वर्ष पूर्व हुए पारिवारिक झगड़े में आरोपितों पर गुंडा एक्ट नहीं लगाई जाएगी।
  • किसान समस्या समाधान पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
  • नया पेराई सत्र शुरू होने से पहले किसानों के प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख सचिव गन्ना से मुलाकात कराई जाएगी।