उत्तर प्रदेश में किसानों की भूमि का विवरण पंजीकरण से जुड़ेगा, जान लें धान खरीद के नए नियम
उत्तर प्रदेश में अब किसानों की फार्मर आईडी के आधार पर धान की खरीद होगी, जिसमें उनकी सभी भूमियों का विवरण पंजीकरण से जोड़ा जाएगा।

तस्वीर- फाइल।
HighLights
फार्मर आईडी के आधार पर होगी धान खरीद।
किसानों की भूमि का विवरण पंजीकरण से जुड़ेगा।
सत्यापन के बाद ही धान की खरीद सुनिश्चित होगी।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव अनिल कुमार के निर्देश पर भारत सरकार की एग्री स्टैक योजना के अंतर्गत प्रदेश में तैयार की गई किसानों की फार्मर आईडी के आधार पर धान की खरीद की जाएगी।
इसके लिए किसानों की फार्मर आईडी में दर्ज सभी भूमियों का विवरण धान खरीद के पंजीकरण से जोड़ा जाएगाविपणन विभाग के अनुसार, फार्मर आईडी में दर्ज भूमि पर क्रॉप सर्वे के माध्यम से प्राप्त फसल का विवरण पंजीकरण में शामिल किया जाएगा।
यदि क्रॉप सर्वे में किसी भूमि पर धान या अन्य फसल का विवरण दर्ज नहीं है अथवा कोई फसल प्रदर्शित नहीं हो रही है तो किसान को स्वयं धान की फसल का चयन करने का विकल्प दिया गया है। इससे किसान अपनी वास्तविक फसल का विवरण पंजीकरण में दर्ज कर सकेंगे।
भूमि का विवरण पंजीकरण से जुड़ेगा
इसके बाद दर्ज किए गए फसल संबंधी विवरण का सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन के अधिकारियों को सौंपी गई है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित विवरण के आधार पर धान खरीद की जाएगी।
विपणन निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे अपना धान सरकारी धान क्रय केंद्रों पर ही बेचें। उन्होंने कहा कि क्रय केंद्रों पर किसानों को शासन की ओर से निर्धारित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी तथा धान बिक्री के दौरान किसी भी किसान को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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