दूसरों के घरों में चौका-बर्तन कर मां ने बेटी को बनाया ऑलराउंडर, मुरादाबाद में U-19 क्रिकेट में गदर मचा रही झांसी की 'साक्षी'
पिता के निधन के बाद मां संगीता के संघर्षों से पली साक्षी मुरादाबाद में अंडर-19 बालिका क्रिकेट प्रतियोगिता में खेल ...और पढ़ें

क्रिकेटर साक्षी
HighLights
छह साल की उम्र में सिर से उठा पिता का साया, मां संगीता ने मेहनत-मजदूरी कर पढ़ाया और क्रिकेटर बनाया
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। पिता का साया सिर से उठ गया तो जिंदगी की राह आसान नहीं रही। उम्र महज छह साल थी, जब साक्षी ने अपने पिता को खो दिया। उस उम्र में उन्हें शायद यह भी नहीं पता था कि आगे का सफर कितना मुश्किल होने वाला है। मगर मां संगीता ने हार नहीं मानी।
दूसरों के घरों में खाना बनाकर बेटी को पढ़ाया और उसके क्रिकेट खेलने के सपने को भी जिंदा रखा। आज झांसी मंडल के प्रेमनगर की रहने वाली साक्षी मुरादाबाद में हो रही राज्य स्तरीय अंडर-19 बालिका क्रिकेट प्रतियोगिता में अपने खेल का हुनर दिखा रही हैं।
साक्षी कक्षा नौ की छात्रा हैं। पढ़ाई और क्रिकेट अभ्यास, दोनों के बीच तालमेल बैठाकर वह अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं। उनकी पढ़ाई से लेकर क्रिकेट की तैयारी तक का खर्च मां संगीता ही उठाती हैं।
घरों में खाना बनाकर होने वाली कमाई से वह बेटी की जरूरतें पूरी करती हैं। मां की इसी मेहनत और त्याग ने साक्षी को मैदान तक पहुंचाया है।
मां की मेहनत बनी सबसे बड़ी ताकत
पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी मां संगीता के कंधों पर आ गई। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने बेटी की पढ़ाई नहीं रुकने दी और न ही क्रिकेट खेलने के उसके जुनून को कम होने दिया।
साक्षी जब मैदान पर उतरती हैं तो उनके साथ मां के संघर्ष और सपनों की ताकत भी होती है। मां की मेहनत उनके लिए प्रेरणा है और आगे बढ़ने का हौसला भी।
आलराउंडर हैं साक्षी, गेंद और बल्ले से दिखाती हैं दम
साक्षी ने बताया कि वह क्रिकेट में आलराउंडर खिलाड़ी हैं। वह दायें हाथ से बल्लेबाजी करती हैं और मध्यम तेज गति से गेंदबाजी करती हैं। उन्होंने पिछले मैच में 45 रन और 3 तीन विकेट लिए थे।
राज्य स्तरीय अंडर-19 प्रतियोगिता में खेलना उनके लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का अवसर है। साक्षी बतातीं है कि भारत की टीम में खेल कर देश और जिले का सपना पूरा करना है।
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