यूपी शिक्षक पदोन्नति: 5500 आपत्तियों से फंसा पेंच! 'जॉइनिंग डेट' को लेकर शिक्षकों ने खोली विभाग की पोल
मुरादाबाद में परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया 5500 आपत्तियों के कारण उलझ गई है। शिक्षक पदोन्नति में जॉइनिंग ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया अनंतिम सूची की खामियों के चलते उलझती नजर आ रही है। जिले में करीब 5500 शिक्षकों की आपत्तियां मिलने से सूची की शुद्धता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिक्षकों की प्रमुख मांग है कि पदोन्नति में उनकी जाइनिंग तिथि को आधार बनाया जाए।
उनका कहना है कि नियुक्ति के समय से चली आ रही वरिष्ठता के आधार पर ही पदोन्नति दी जानी चाहिए। इधर विभागीय अफसरों का कहना है कि शिक्षकों ने खुद ही सूची भरकर बीईओ दी है। अब शिक्षकों की ओर से दी जा रही आपत्तियों को दिया जा रहा है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1409 विद्यालयों में करीब 5700 शिक्षक तैनात हैं, इनमें से 5500 शिक्षकों ने पदोन्नति मामले में विभाग के पास आपत्ति जमा की है। शिक्षकों का कहना है कि पदोन्नति के लिए उनसे जानकारी मांगी गई है। तो उन्होंने अपनी सही जानकारी दी है।
शिक्षकों का कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के माध्यम से संबंधित दस्तावेजों और सूचनाओं का सत्यापन कराकर जिला स्तर तक पहुंचाया जाता है। इसी प्रक्रिया के आधार पर अनंतिम सूची तैयार होती है।
बावजूद इसके सूची में बड़ी संख्या में त्रुटियां हैं। जिनमें नियुक्ति तिथि की गड़बड़ी, नाम और विद्यालय में प्रथम नियुक्ति समेत कई विसंगतियां हैं। शिक्षकों का कहना है कि अब उन्हें अपनी जानकारी और अभिलेखों के मिलान के लिए आपत्तियां दर्ज करानी पड़ रही हैं।
शिक्षकों का सवाल है कि जब नियुक्ति और जाइनिंग से संबंधित अभिलेख विभाग के पास उपलब्ध हैं तो वरिष्ठता निर्धारित करने में विसंगतियां क्यों सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि पदोन्नति में जाइनिंग तिथि को स्पष्ट आधार बनाया जाना चाहिए।
शिक्षकों की बात
सूची में किसी भी तरह की त्रुटि रहने से पात्र शिक्षकों की वरिष्ठता प्रभावित हो सकती है। प्रथम नियुक्ति आधार पर शिक्षकों को वरीयता मिले। सालों से विद्यालयों में सेवा दे रहे शिक्षकों को पदोन्नति दी जानी चाहिए। - हाकिम अली, शिक्षक।
सूची में ज्वाइनिंग की तारीख गलत दी जा रही हैं। यही कारण है कि शिक्षकों को ज्वाइनिंग के आधार पर पदोन्नति नहीं मिल पा रही है। जो सालों से विद्यालयों में सेवा दे रहे हैं। उनके अधिकारों का हनन हो रहा है। - रविंद्र सिंह, शिक्षक।
शिक्षकों ने स्वयं ही अपनी जानकारी दी है। यह सूची में अपने विषय में उन्होंने पूरी जानकारी भी स्वयं दी है। इसके बाद सत्यापन के लिए विभाग के पास दस्तावेज पहुंचे हैं। शिक्षकों से आपत्ति ली जा रही है। इसके बाद ही सत्यापन किया जायेगा।
- अमित सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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