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यूपी में बिजली संविदाकर्मियों की बल्ले-बल्ले! 60 वर्ष की आयु तक कर सकेंगे नौकरी, 310 कर्मियों की वापसी तय

Published: Mon, 12 Oct 2026 11:47 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स बिजलीकर्मियों के लिए राहत भरी खबर है, अब वे 55 की जगह 60 वर्ष की आयु ...और पढ़ें

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HighLights

  1. लंबे समय से कर्मचारी कर रहे थे 60 साल में सेवामुक्त करने की मांग

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। बिजली विभाग में 55 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवामुक्त किए गए आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। अब इन कर्मचारियों को दोबारा नौकरी करने का मौका मिल सकेगा। इसके तहत कर्मचारी 60 वर्ष की आयु तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे। लंबे समय से कर्मचारी इस व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे थे।

मुरादाबाद, संभल और रामपुर जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान करीब 310 आउटसोर्स कर्मचारियों को 55 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवामुक्त किया गया है।

इसमें संभल के 88, रामपुर के 93 के अलावा 100 से अधिक मुरादाबाद के कर्मचारी शामिल है। बिजली विभाग के अधिकारियों को शासनादेश मिल चुका है। अब इनकी दोबारा तैनाती की जाएगी।

बिजली विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों की अहम भूमिका है। मुरादाबाद, संभल और रामपुर जिलों में विभाग के अंतर्गत करीब 2,500 आउटसोर्स कर्मचारी हैं।

अब तक 55 वर्ष की आयु पूरी होते ही कर्मचारियों को सेवामुक्त कर दिया जाता था। विभाग की ओर से इसके पीछे अधिक उम्र से काम के दौरान हादसे की आशंका वजह बताया जाता था।

कर्मचारियों का कहना था कि लंबे समय तक विभाग में सेवाएं देने के बाद 55 वर्ष की आयु में नौकरी छिन जाने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता था।

यह वह उम्र होती है, जब परिवार की जिम्मेदारियों और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए नियमित आमदनी की जरूरत अधिक होती है। कर्मचारी लगातार आयु सीमा बढ़ाने और दोबारा नौकरी का अवसर देने की मांग उठा रहे थे।

अब 60 वर्ष की आयु तक काम करने का अवसर मिलने से ऐसे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। इससे अनुभवी कर्मचारियों को अपनी सेवाएं जारी रखने का मौका मिलेगा।

उन्हें अचानक रोजगार छिनने से भी राहत मिल सकती है। मुख्य अभियंता शशांक अग्रवाल ने बताया कि शासन के आदेश का जल्द से जल्द पालन कराया जाएगा। दोबारा तैनाती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

 

हमारी लंबे समय से मांग चल रही थी। सरकार ने हमारी मांग को पूरा कर दिया है। अब हमारे साथियों को भी नौकरी मिलेगी। 55 साल में नौकरी जाने के बाद से कर्मचारियों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो रहा था।

- अशोक त्यागी, मंडलाध्यक्ष, उप्र पावर कारपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ


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