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दिल्ली की बसों से मुरादाबाद पहुंच रहा 'कातिल' मांझा: 500 का रोल 1500 में बेच रहे दुकानदार, खेल उजागर

Published: Mon, 12 Oct 2026 10:50 PM (IST)

मुरादाबाद में प्रतिबंधित मांझे का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, जिसकी सप्लाई दिल्ली से टूरिस्ट बसों के माध्यम ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पतंगबाजी के शौकीन प्रतिबंधित मांझे का ही करते हैं इस्तेमाल

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। प्रतिबंधित मांझा लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है, लेकिन इसके कारोबार पर अंकुश लगाने में जिम्मेदार महकमे नाकाम नजर आ रहे हैं। दिल्ली से मुरादाबाद तक प्रतिबंधित मांझे की सप्लाई का नेटवर्क सक्रिय है। अतिरिक्त रुपये लेकर टूरिस्ट बसों के जरिए इस खतरनाक मांझे को सुरक्षित मुरादाबाद पहुंचाया जा रहा है।

शहर में 70 से अधिक दुकानों पर इसकी बिक्री होने रही है। इसके बावजूद प्रतिबंधित मांझे का कारोबार बेखौफ जारी है। सोमवार को जागरण टीम ने शहर की घनी आबादी के कुछ मुहल्लों में प्रतिबंधित मांझा खरीदने का प्रयास किया।

तीन स्थानों पर दुकानदारों ने मांझा देने से इन्कार कर दिया। असालतपुरा गुलशन नगर नेता खालिद की गली नंबर एक युवक को 50 रुपये देकर मांझा मंगवाया तो दुकानदार ने तुरंत अपने घर से मांझा लाकर दे दिया।

युवक से कहा कि जेब में रखकर लेकर जाना। करूला मोती मोती मस्जिद के पास कई पतंग की दुकानें हैं। एक दुकान पर पहुंचकर मांझा पूछा तो कुछ देर के लिए चुप रहा।

इधर-उधर देखा तो उसके बाद प्रतिबंधित मांझा देने के लिए तैयार हो गया। इसके अलावा इसी क्षेत्र में करीब 70 दुकानों पर मांझा बिक रहा है। बताया जाता है कि मांझे का थोक व्यापारी बिलारी निवासी है।

वहीं से पूरा मांझा जिले में आता है। बिलारी में यह मांझा टूरिस्ट बसों के माध्यम से पहुंच रहा है। अवैध रूप से मिलने वाली मांझे की चरखी दिल्ली में 300 ये 500 रुपये तक मिल जाती है।

इसके बाद थोक व्यापारी दुकानदारों को 800 से एक हजार रुपये तक में बेचता है। जबकि छोटे दुकानदार एक चरखी के 1500 रुपये तक वसूल रहे हैं। अधिक मुनाफे के खेल के चक्कर में व्यापारी से लेकर दुकानदार तक लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।

एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। अगर कोई बेच रहा है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

इस साल यह हुई घटना

  • एक मार्च- लोधीपुर राजपूत गांव में बाइक सवार समरपाल की प्रतिबंधित मांझे से गर्दन कट गई थी।
  • 19 अगस्त- सोनकपुर ओवरब्रिज पर छात्र फैसल की गर्दन कट गई थी।
  • एक फरवरी- सोनकपुर ओवरब्रिज पर युवक प्रमोद कुमार की गर्दन में प्रतिबंधित मांझा फंस गया था।
  • 11 फरवरी- दिल्ली रोड पर रामकुमार का हाथ प्रतिबंधित मांझे से कट गया था।
  • दो अप्रैल- कटघर क्षेत्र में तस्लीम की गर्दन में प्रतिबंधित मांझा फंस गया था जिससे वह घायल हो गए थे।
  • 17 अप्रैल- शहर के बुधबाजार में महिला प्रेमवती की गले में प्रतिबंधित मांझा बस गया था इससे वह घायल हो गई थी।

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