दीया तले अंधेरा! अपने ही दफ्तर के पास बदहाली नहीं सुधार पा रहे MDA VC, दावों की खुली पोल
नया मुरादाबाद के सेक्टर-13 में एमडीए कार्यालय के पास ही बुनियादी सुविधाएं बदहाल हैं, जहाँ सड़कें गायब, जलभराव और टूटे ...और पढ़ें

नया मुरादाबाद के सेक्टर 13 में जर्जर पार्क बेंच। जागरण
HighLights
नया मुरादाबाद में रखरखाव को ईडब्ल्यूएस आवंटियों से आरडब्ल्यूए गठन पर जोर
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। एमडीए कार्यालय से चंद कदम दूर नया मुरादाबाद के सेक्टर-13 में बुनियादी सुविधाएं बदहाल हैं। कहीं सड़कें गायब हैं तो कहीं जलभराव,नालियां चोक और नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी पसरी है। पार्क में बच्चों के खेलने के लिए लगाए गए झूले व बेंच क्षतिग्रस्त हैं और पथ प्रकाश की व्यवस्था भी नहीं है। पार्क की बाउंड्रीवाल टूटने से आवारा पशु अंदर घुस जाते हैं।
एमडीए लोगों पर ही रखरखाव के लिए आरडब्ल्यूए गठित करने का ठीकरा फोड़ रहा है। सवाल है कि जर्जर खंभे, सड़क, नाली, सीवर, स्ट्रीट लाइट, पार्क सब कुछ खराब स्थिति में है और इसमें ईडब्ल्यूएस(गरीबी रेखा वाले) के आवास हैं।
सवाल है कि आरडब्ल्यूए गठित करके क्या यह इतना बजट जुटा पाएंगे कि नए सिरे से सब कुछ ठीक हो जाए। आवास बेचने के बाद एमडीए हैंडओवर होने तक ठीक करा सकता है।

उदाहरण के तौर आवास विकास का द्वितीय फेज अभी नगर निगम को हैंड ओवर नहीं है, जिससे वह स्वयं सड़क, नाला, नाली, खंभे और स्ट्रीट लाइट का जिम्मा उठा रहा है। फिर एमडीए अपनी जिम्मेदारी से क्यों भाग रहा है।
झाड़ियों के बीच सांप भी अक्सर लोगों ने देखे हैं। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों के लिए पार्क में समय बिताना मुश्किल हो गया है। नया मुरादाबाद में बेहतर सुविधाओं की उम्मीद लेकर घर बनाने वाले लोग अब बदहाली से परेशान हैं।
उनका कहना है कि प्राधिकरण कार्यालय के इतने नजदीक होने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। सफाई, जलनिकासी और पार्क की मरम्मत के लिए शिकायतें करने के बाद भी हालात जस के तस हैं।
बिजली के खंभों नीचे से गल चुके हैं जो कभी भी जान ले सकते हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि जब एमडीए के अधिकारी अपने कार्यालय के आसपास की समस्याएं दूर नहीं करा पा रहे हैं तो दूर की योजनाओं में व्यवस्थाओं की निगरानी कैसे होती होगी?
नया मुरादाबाद के निवासियों से रखरखाव शुल्क नहीं लिया जाता है। आसपास के लोगों को संगठित होकर आरडब्ल्यूए बनानी चाहिए। दिल्ली रोड के बसे हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई की जिम्मेदारी जिला पंचायत विभाग की है। गागन नदी से जीरो प्वाइंट तक विज्ञापन एजेंसी को रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है। यदि रखरखाव में कहीं कमी है तो उसे सुधरवाया जाएगा।
अनुभव सिंह, उपाध्यक्ष, एमडीए
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