मुरादाबाद की पीतल नगरी: हुनर और तकनीक से वैश्विक निर्यात को नई उड़ान
पीतल नगरी मुरादाबाद में हस्तशिल्प और आधुनिक तकनीक के मेल से निर्यात बढ़ाने पर मंथन हुआ। यूपी डायलॉग्स में 19,800 ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। पीतल नगरी की पहचान कारीगरों के हुनर से है, लेकिन वैश्विक बाजार में आगे बढ़ने के लिए अब इस हुनर को आधुनिक तकनीक से जोड़ना भी जरूरी है। हस्तशिल्प की कलात्मकता और मशीनों की उत्पादन क्षमता का तालमेल पीतल उद्योग को नई ऊंचाई दे सकता है।
शनिवार को दिल्ली रोड स्थित होटल मानसरोवर पैराडाइज में आयोजित यूपी डायलाग्स-मुरादाबाद चैप्टर में विरासत, विकास और वैश्विक संभावनाओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे । इसमें पीतल उद्योग को आगे बढ़ाने, युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने और उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया।
संयुक्त आयुक्त उद्योग योगेश कुमार ने ओडीओपी, प्रशिक्षण, तकनीकी उन्नयन और कामन फैसिलिटी सेंटर जैसी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुरादाबाद जिले का सालाना निर्यात करीब 11,460 करोड़ रुपये और मंडल का लगभग 19,800 करोड़ रुपये है। इस कारोबार को विस्तार देने के लिए बेहतर गुणवत्ता, आधुनिक डिजाइन, आकर्षक पैकेजिंग और आनलाइन बाजारों तक पहुंच बढ़ाने की जरूरत बताई गई।
वहीं, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के जरिये युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर चर्चा हुई। मेजर डा. मीनू मेहरोत्रा ने महिला सशक्तीकरण, प्रो. हरबंश दीक्षित ने सुशासन और सुरक्षित कारोबारी माहौल तथा डा. माधव शर्मा ने पीतल कला को आधुनिक ब्रांडिंग और डिजिटल मंचों से अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की संभावनाएं रखीं।
