कार से मासूमों को रौंदने वाला रिजवान बना रहा था डिटर्जेंट से नकली पनीर, छापेमारी में खुला जहरीला खेल
मूंढापांडे में बच्चों को कुचलने वाला आरोपित रिजवान अपने गांव में डिटर्जेंट से नकली पनीर बना रहा था। खाद्य सुरक्षा ...और पढ़ें

आरोपित रिजवान। स्रोत पुलिस
HighLights
छापेमारी में खुला खेल, आरोपित के खिलाफ एक और मुकदमा
पहले भी नकली पनीर बनाते हुए पकड़ा गया है आरोपित रिजवान
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। मूंढापांडे क्षेत्र के गांव भायपुर में पांच बच्चों समेत छह लोगों को बोलेरो कार से कुचलने वाला अपने गांव में डेयरी चलाकर नकली पनीर बना रहा था। भगतपुर के गांव मझरा बेरखेड़ा चक में रिजवान की डेयरी पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रजन सिंह ने पुलिस टीम ने छापेमारी की तो पूरा खेल खुल गया। आरोपित डिटर्जेंट से नकली पनीर बनवा रहा था।
मौके से पनीर निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, रसायन और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की। पुलिस ने डेयरी संचालक मोहम्मद रिजवान निवासी बरखेड़ा चक और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
आरोपित रिजवान को मूंढापांडे पुलिस ने हत्या के मामले में बुधवार को ही जेल भेजा था। हैरानी की बात है कि इस डेयरी का लाइसेंस गड़बड़ी के चलते पहले ही निरस्त किया जा चुका था।

बावजूद इसके डिटर्जेंट और रसायनों से पनीर तैयार किया जा रहा था। वर्ष 2017 में भी यह नकली पनीर बनाते हुए पकड़ा था। उसमें भी पुलिस ने इसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
खाद्य सुरक्षा टीम के अनुसार, तय इनपुट पर सभी भगतपुर स्थित गांव बरखेड़ा चक में मोहम्मद रिजवान की डेयरी पर पहुंची। प्रतिष्ठान का मुख्य गेट बंद था। बगल के कमरे का दरवाजा खटखटाने पर एक अज्ञात व्यक्ति दीवार फांदकर भाग निकला।
इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में परिसर का निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान सात नीले प्लास्टिक के ड्रम, सात लोहे के ड्रम, दो बड़े स्टील के कंटेनर, दो लोहे के टब, रेफ्रिजरेटर, क्रीम सेपरेटर मशीन, इलेक्ट्रिक कांटा, पनीर दबाने के उपकरण और छह भट्टियां मिलीं।
इसके अलावा प्रयोगशाला में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के साथ सल्फ्यूरिक एसिड, सोडियम हाइड्राक्साइड, ग्लिसराल और अन्य रसायन भी बरामद किए गए। परिसर के बाहर बने गड्ढे में करीब 50 हजार लीटर अवशिष्ट पानी भरा मिला।
पनीर निर्माण में डिटर्जेंट जैसे अखाद्य पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा था। मौके से पांच किलो पनीर में से एक किलो का नमूना लेकर जांच के लिए सुरक्षित किया गया, जबकि शेष चार किलो पनीर को नष्ट करा दिया गया।
एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि मौके से 500 मिलीलीटर की सल्फ्यूरिक एसिड की दो बोतलें, सोडियम हाइड्राक्साइड के पैकेट, फॉर्मेल्डिहाइड, एथेनॉल, ग्लिसराल और डिस्टिल्ड वाटर शामिल हैं। इसके अलावा टेस्ट ट्यूब, फ्लास्क, पिपेट, इलेक्ट्रिक सेंट्रीफ्यूज और अन्य प्रयोगशाला उपकरण भी बरामद हुए।
इस मामले में जेल में है आरोपित
मूंढापांडे क्षेत्र के गांव भायपुर में मंगलवार की शाम चित्रा, अंश समेत पांच बच्चे सड़क किनारे खेल रहे थे। तभी रिजवान अपनी बोलेरो कार से आया और पांच बच्चों व महिला चंपा को कुचल दिया था।
इसमें चित्रा और अंश की मौत हो गई थी। जबकि तीन बच्चे और महिला घायल हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपित रिजवान के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजा था।
किडनी और लिवर पर पड़ सकता है असर
बाजार में अधिक मुनाफा कमाने के लिए मिलावटी पनीर का कारोबार लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। डिटर्जेंट जैसे हानिकारक रसायनों से तैयार नकली पनीर का सेवन शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।
इससे उल्टी, दस्त, पेट दर्द और फूड पाइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक ऐसे रसायनों के संपर्क से किडनी और लिवर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह अधिक जोखिम भरा है।
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