करोड़ों के मकान, फिर भी खाली! मुरादाबाद में MDA के 155 आवासों के नहीं मिल रहे खरीदार
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) की एक हजार करोड़ रुपये की संपत्तियां, जिनमें 155 आवास शामिल हैं, सालों से खाली पड़ी ...और पढ़ें

नया मुरादाबाद में समृद्धि बिहार का द्वार। जागरण
HighLights
एमडीए ने इनको बेचने के लिए फिर 31 मार्च 2027 तक दिया मौका
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। एमडीए की करीब एक हजार करोड़ रुपये की संपत्तियां सालों बाद भी नहीं बिक सकीं। इनमें आठ आवासीय योजनाओं के 155 आवास शामिल हैं। सबसे ज्यादा 77 आवास समृद्धि विहार में खाली पड़े हैं।
एमडीए रामगंगा विहार द्वितीय, नया मुरादाबाद, काशीराम नगर और रामगंगा विहार के ईडब्ल्यूएस आवासों के खरीदारों की राह देख रहा है। इनमें कई योजनाएं 10 से 35 साल पुरानी हो चुकी हैं।
कांठ रोड स्थित रामगंगा विहार द्वितीय एमडीए की करीब 35 साल पुरानी आवासीय योजना है। यहां एमआइजी के तीन मंजिला अपार्टमेंट और ईडब्ल्यूएस आवास बनाए गए थे।
इनकी बिक्री नहीं होने के पीछे अपार्टमेंट के बजाय भूखंड खरीदकर अपनी पसंद का मकान बनाने की लोगों की प्राथमिकता और लांचिंग के समय अधिक कीमत होना प्रमुख वजह मानी जा रही है।
एमडीए ने इन आवासों के पंजीयन 31 मार्च 2027 तक खोल रखे हैं। प्राधिकरण की ओर से आवासों की मरम्मत कराकर भी दिया जाएगा। सरकारी आवास योजनाओं की स्थिति भी बेहतर नहीं है।
ढक्का क्षेत्र में अरावली आवासीय योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य योजनाओं के आवास भी खाली पड़े हैं। लंबे समय से देखरेख और रखरखाव नहीं होने से इनमें कई की हालत जर्जर हो चुकी है।
ऐसे में एमडीए के सामने केवल संपत्तियों की बिक्री ही नहीं, बल्कि खाली आवासों का रखरखाव और उन्हें रहने योग्य बनाए रखने की भी चुनौती है।
जो आवास नहीं बिक रहे हैं, उनको बेचने की फिर से योजना है। इसी वजह से 31 मार्च तक आवास खरीदने के लिए आवेदन करने का अवसर दिया गया है। कुछ आवास बिके भी हैं।
- देवेंद्र प्रताप सिंह, सचिव, एमडीए
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