CCTV की निगरानी में खुले मां विंध्यवासिनी के दानपात्र, दो ही गोलक से निकले 20.37 लाख रुपये
विंध्यवासिनी मंदिर के दो दानपात्रों की गिनती सीसी टीवी कैमरे की निगरानी में की गई, जिससे 20.37 लाख रुपये प्राप्त ...और पढ़ें

कैमरे की निगरानी में विंध्यवासिनी मंदिर गिनती करते लोग। जागरण
HighLights
सीसी टीवी निगरानी में विंध्यवासिनी मंदिर के दानपात्रों की गिनती हुई।
दो दानपात्रों से कुल 20.37 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई।
प्राप्त धनराशि का उपयोग विंध्यधाम के विकास में किया जाएगा।
जागरण संवाददाता, विंध्याचल (मीरजापुर)। सीसी टीवी कैमरे की निगरानी में मां विंध्यवासिनी मंदिर में दानपात्रों से निकले धन की गिनती हुई। दो दानपात्र बुधवार को खोले गए। सुबह से शुरू हुई रुपयों की गिनती देर रात तक चली। दोनों दानपात्रों से कुल 20 लाख 37 हजार 265 रुपये की धनराशि प्राप्त हुई।
आज भी शेष दानपात्रों के रुपयों की गिनती की जाएगी। श्रीविंध्य पंडा समाज के कार्यालय में दानपात्रों से निकली धनराशि की गिनती कराई गई। अमीन विजय शंकर दुबे ने बताया कि मां विंध्यवासिनी मंदिर के दो दानपात्रों को खोलकर नोटों की गिनती कराई गई।
नायब तहसीलदार सदर गरिमा यादव की निगरानी में सुबह से रात तक गिनती का सिलसिला जारी रहा। गिनती पूरी होने के बाद प्राप्त धनराशि को विंध्य विकास परिषद के पदेन अध्यक्ष के बैंक खाते में जमा करा दिया गया।
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साल में चार बार खुलते हैं दानपात्र
विंध्यवासिनी मंदिर में कुल 26 दानपात्र हैं, जबकि अष्टभुजा और कालीखोह मंदिर में एक-एक दानपात्र स्थापित है। नियमानुसार हर तीन महीने के अंतराल पर साल में चार बार दानपात्रों को खोलकर धनराशि की गिनती कराई जाती है। इन दानपात्रों से सालभर में करोड़ों रुपये की धनराशि प्राप्त होती है। प्राप्त धनराशि का उपयोग विंध्यधाम के विकास और श्रद्धालुओं से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार में किया जाता है।
