9 लाख नौकरियां दे चुके अगले 6 माह में एक लाख और देंगे, सकारात्मक सोच व संकल्प का नाम है युवा; मेरठ में बोले CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में युवा संसद को संबोधित करते हुए कहा कि युवा केवल उम्र का नहीं, बल्कि ...और पढ़ें
HighLights
मेरठ में मुख्यमंत्री ने कहा, चुनौती को समस्या नहीं, समाधान का अवसर मानें युवा।
युवाओं से 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
जागरण संवाददाता, मेरठ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय में आयोजित युवा संसद में युवाओं को राष्ट्र निर्माण का केंद्र बताते हुए कहा कि युवा केवल उम्र का नाम नहीं है, बल्कि कार्य करने की नीयत, निर्णय लेने की क्षमता और चुनौती को अवसर में बदलने वाली सकारात्मक सोच का नाम है।
उन्होंने युवाओं से अपनी विरासत, राष्ट्र नायकों और देश के प्रति श्रद्धा का भाव रखते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प से जुड़ने का आह्वान किया। सुभारती विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री का युवा संवाद कार्यक्रम सोमवार को आयोजित हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में 16 से 35 वर्ष की आयु को युवा माना गया है, लेकिन वास्तविक अर्थ में युवा वह है जो चुनौतियों से घबराता नहीं और समाधान की दिशा में आगे बढ़ता है। उन्होंने युवाओं के सामने भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, महात्मा बुद्ध, स्वामी विवेकानंद, महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, वीर सावरकर और काकोरी के क्रांतिकारियों के उदाहरण रखे।
उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने 27 वर्ष की आयु में संघर्ष का नेतृत्व किया, वीर सावरकर ने 28 वर्ष की आयु में कालापानी की सजा झेली और नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का आह्वान किया। इन उदाहरणों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं से राष्ट्र को सर्वोपरि रखते हुए आगे बढ़ने की अपील की।
यह भी पढ़ें- BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने युवाओं को दिलाए 3 संकल्प; युवा वर्ग को केवल देश का भविष्य नहीं, मौजूदा ताकत बताया
मेरठ को कट्टा नहीं, खेल की पहचान मिली
मुख्यमंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विशेषकर मेरठ के बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के सामने पहचान का संकट था। मेरठ में चोरी के वाहनों के कटान और अपराध के लिए बदनाम स्थानों पर अब विकास और औद्योगिक गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार के बाद बेटियों की सुरक्षा, व्यापार और निवेश का वातावरण मजबूत हुआ है।
यह भी पढ़ें- पश्चिमी यूपी के सियासी तापमान को भांपने मेरठ पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और CM योगी आदित्यनाथ
योगी ने मेरठ में स्थापित मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और खेल उत्पादों को ओडीओपी के तहत मिली पहचान को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि मेरठ अब खेल उद्योग के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा और तकनीकी विकास का केंद्र बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कारिडोर में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में ‘कट्टा कल्चर’ की जगह रक्षा उत्पादन ने ली है। उनके अनुसार ब्रह्मोस परियोजना के लिए प्रदेश के आइटीआइ, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग संस्थानों से 500 से अधिक युवाओं का चयन किया गया है।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में नौ लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं और अगले छह माह में एक लाख और युवाओं को रोजगार देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को सरकार की प्राथमिकता बताया।
उन्होंने कहा कि रोजगार केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है। ओडीओपी के माध्यम से प्रदेश में 3.25 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिलने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं।
डिजिटल भुगतान से बिचौलियों की भूमिका खत्म होने का दावा
मुख्यमंत्री ने जनधन खातों, मोबाइल और डिजिटल लेनदेन का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल व्यवस्था से सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंच रहा है। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और बिचौलियों पर अंकुश लगाने वाला माध्यम बताया।
गन्ना किसानों के भुगतान का आंकड़ा रखते हुए मुख्यमंत्री ने 2012 से 2017 के बीच की तत्कालीन सरकार और 2017 के बाद की सरकार के भुगतान की तुलना की। उनके संबोधन में कहा गया कि 2012-17 के दौरान करीब 95,000 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान हुआ, जबकि 2017 के बाद भुगतान का आंकड़ा इससे काफी अधिक रहा। यह आंकड़ा मुख्यमंत्री द्वारा अपने संबोधन में रखा गया।
एआइ से क्वांटम कंप्यूटिंग तक युवाओं को अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला समय एआइ, क्वांटम कंप्यूटिंग, इंटरनेट आफ थिंग्स और रोबोटिक्स का है। इन क्षेत्रों में सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से नई तकनीक सीखने के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों और विरासत से जुड़े रहने का आह्वान किया।
उन्होंने लुई ब्रेल, आइंस्टीन और न्यूटन जैसे उदाहरण देते हुए कहा कि उम्र उपलब्धियों की सीमा नहीं है। युवाओं की इच्छाशक्ति, नवाचार और निर्णय क्षमता देश की दिशा बदल सकती है।
मुख्यमंत्री ने मेरठ-दिल्ली कनेक्टिविटी और गंगा एक्सप्रेसवे का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर आधारभूत ढांचा पश्चिमी उत्तर प्रदेश को प्रदेश के अन्य हिस्सों से और तेजी से जोड़ेगा। उन्होंने युवाओं से कहा कि व्यक्तिगत सफलता के साथ राष्ट्र निर्माण को भी अपने जीवन का लक्ष्य बनाएं।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की भी मौजूदगी रही। युवा संवाद के बाद सुभारती परिसर में पश्चिमी क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन का आयोजन भी हुआ।
