वर्दी में '420'! UP पुलिस के दो सिपाहियों के साथ मिलकर नकली नोट चलाने वाले हिस्ट्रीशीटर समेत 5 गिरफ्तार
Meerut News: मेरठ में दो यूपी पुलिस के सिपाहियों और एक हिस्ट्रीशीटर समेत पांच लोगों को नकली नोटों के कारोबार ...और पढ़ें

आरोपितों के कब्जे से बरामद हुई गड्डियां
HighLights
ऊपर-नीचे असली नोट और बीच में कागज की कटिंग लगाकर करते थे ठगी।
मेरठ में दोनों पुलिसकर्मियों समेत पांच के खिलाफ दर्ज हुआ लूट का मुकदमा।
जागरण संवाददाता, मेरठ। उत्तर प्रदेश पुलिस के दो सिपाहियों ने खाकी पर दाग लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। दोनों के मन में रुपयों का ऐसा लालच आया कि हिस्ट्रीशीटर समेत तीन बदमाशों के साथ मिलकर नकली नोटों के काले कारोबार में कूद पड़े। गिरोह पहले लोगों को तीन गुना रकम के नकली नोट देने का झांसा देकर जाल में फंसाता था।
भरोसा जीतने के लिए असली नोट बाजार में चलवाए जाते थे। बड़ी रकम की डील के समय गिरोह कागज की कटिंग के ऊपर और नीचे एक-दो असली नोट लगाकर गड्डी बनाता था। इसके बाद ग्राहकों को धोखाधड़ी का शिकार बनाकर रकम वसूलता था। पुलिस ने दोनों सिपाहियों और हिस्ट्रीशीटर समेत पांच पर लूट का मुकदमा दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर लिया।
भावनपुर पुलिस ने सोमवार देर रात गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसी थाने में तैनात 2025 बैच के सिपाही आशीष कुमार, प्रश्नचित्त आनंद और ज्ञानपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर साजिद, फैजान और अभिषेक को नकली नोट के नाम पर ठगी करते पकड़ा। उनके कब्जे से 33 गड्डियां पकड़ी गई हैं जो 500, 200 और 100 की हैं।
उक्त गड्डियों में नीचे और ऊपर एक-दो असली नोट लगे थे, जबकि बीच में कागज की कटिंग लगाकर गड्डी तैयार की गई थी। साजिद व्यापारियों को पहले असली के बदले में तीन गुना नकली नोट देने का झांसा देता था। रकम की डिलीवरी के समय दोनों सिपाही मौके पर पहुंच जाते थे, जो असली और नकली रकम को कब्जे में लेकर थाने पहुंचने का बहाना करते थे।
असली के बदले नकली नोट बदलने वाले व्यक्ति को जेल भेजने की धमकी देकर छोड़ दिया जाता था और उसकी रकम जब्त कर ली जाती थी। साजिद के साथ दोनों सिपाही कुछ अन्य वारदातों में भी शामिल बताए जा रहे हैं। पहले भावनपुर पुलिस ने मामले को छिपाने का प्रयास किया लेकिन प्रकरण एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति तक पहुंच गया।
एसएसपी ने दोनों सिपाहियों और हिस्ट्रीशीटर समेत पांचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी ने बताया कि 25 हजार के असली नोट भी बरामद हुए है।
साजिद पहले व्यापारियों को 500, 200 और 100 रुपये के असली नोट देते थे और उन्हें नकली बताते थे। व्यापारी जब इन नोटों को बाजार में चला लेता तो उसे भरोसा हो जाता था कि गिरोह के नोट आसानी से चल रहे हैं। इसके बाद 30 हजार रुपये के बदले एक लाख रुपये के नकली नोट देने की डील की जाती थी।
कई मामलों में 10 हजार रुपये के असली नोट लेकर सात-आठ हजार रुपये के नकली नोट देने का लालच भी दिया जाता था। बाहर से पूरी गड्डी असली नोटों की दिखाई देती थी। रकम लेकर व्यापारी जब घर पहुंचता या नोटों की जांच करता, तब उसे ठगी का पता चलता।
