Suryakiran: आसमान में गरजे 9 फाइटर जेट, भारत माता की जय से गूंजा मैदान; मेरठ में रविवार को भी यह रोमांच देखने का मौका
भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक्स टीम ने मेरठ के आसमान में शानदार हवाई प्रदर्शन किया, जिसमें नौ फाइटर जेट्स ने ...और पढ़ें

HighLights
सूर्यकिरण के नौ हाॅक विमानों ने बिखेरा हवाई करतबों का जादू।
मेरठ में पहली बार सूर्यकिरण एरोबेटिक्स टीम ने दी प्रस्तुति।
जागरण संवाददाता, मेरठ। क्रांतिधरा मेरठ के आसमान में शनिवार को देशभक्ति और रोमांच का अद्भुत नजारा देखने को मिला। शनिवार की सुबह मोहिउद्दीनपुर का आसमान कुछ अलग ही कहानी लिख रहा था। मैदान में बैठे हजारों लोगों की नजरें एकटक आसमान पर थीं। किसी के हाथ में मोबाइल कैमरा था तो कोई बच्चों को गोद में उठाकर उन्हें आसमान दिखा रहा था। अचानक दूर से विमानों की गड़गड़ाहट सुनाई दी और देखते ही देखते सभी की निगाहें एक दिशा में टिक गईं।
सुबह 10:26 बजे। हिंडन की ओर से सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के नौ हाक एमके-132 विमान आसमान में दिखाई दिए। कुछ ही सेकंड में उनकी आकृति साफ होने लगी और मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लाल-सफेद रंग के नौ जेट विमानों ने बेहद सटीक डायमंड-फार्मेशन बनाया तो मानो पूरा आसमान एक साथ उड़ता नजर आया। कभी विमान एक-दूसरे से बेहद कम दूरी पर साथ उड़ते दिखाई दिए तो कभी अचानक अलग होकर आसमान में अलग-अलग आकृतियां बनाते नजर आए।
करीब 200 फीट की ऊंचाई पर विमानों ने धुएं की लकीरों से तिरंगे की आकृति बनाई तो पूरा माहौल देशभक्ति से भर गया। दर्शकों ने तालियों और सीटियों के साथ स्वागत किया और भारत माता की जय व जय हिंद के नारे लगाए।
सुबह करीब 9:30 बजे से ही मैदान दर्शकों से भरना शुरू हो गया था। मेरठ में पहली बार आयोजित इस एयर शो को देखने के लिए हर आयु वर्ग के लोग पहुंचे। सूर्यकिरण के जांबाज पायलटों ने जैसे ही एरोबेटिक प्रदर्शन शुरू किया तो रोमांच कई गुना बढ़ गया। कभी नौ विमान एक सीध में दिखाई दिए तो अगले ही पल अलग-अलग दिशाओं में बिखरकर फिर एक सटीक फार्मेशन में लौट आए। विमानों के बीच की दूरी और रफ्तार देखकर दर्शक दंग रह गए।
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सबसे रोमांचक क्षण तब आया जब दो हाक विमान तेज गति से एक-दूसरे की ओर बढ़ते नजर आए। मैदान में अचानक शोर थम-सा गया। दोनों विमान ऐन वक्त पर एक-दूसरे को क्रास करते हुए निकल गए। पलक झपकते ही दोनों अलग दिशाओं में दूर हो चुके थे।
कुछ क्षण पहले तक शांत बैठे दर्शक अगले ही पल तालियां बजाते और उत्साह में कुर्सियों से उछलते नजर आए। कभी आसमान में तीर की तरह सीधी रेखा बनाते विमान तो कभी पंख फैलाए पक्षियों की तरह एक साथ मुड़ते नौ जेट, हर करतब के साथ मैदान से तालियों और नारों की आवाज उठती रही।
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बच्चों के चेहरे पर कौतूहल था तो बुजुर्गों की आंखों में गर्व। यह सिर्फ विमानों की उड़ान नहीं थी। मौजूद हर दर्शक के लिए यह भारतीय वायुसेना की सटीकता, अनुशासन, साहस और अदम्य हौसले को करीब से देखने का मौका था। करीब आधे घंटे के इस हवाई प्रदर्शन ने लोगों की यादों में ऐसा दृश्य छोड़ दिया, जिसे वे लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगे।
