19 माह बाद खुला मुस्कान के कमरे का ताला, बिखरे थे खिलौने, कपड़े... सौरभ की मां व भाई नम आंखों के साथ समेट ले गए 'यादें'
मेरठ में तीन मार्च 2025 को सौरभ की हत्या के बाद 17 मार्च 2025 से मकान सील कर दिया गया ...और पढ़ें

AI जेनरेटिड फोटो और इंसेट में मुस्कान का फाइल फोटो।
HighLights
19 माह बाद मुस्कान के किराये के मकान का ताला खुला।
सौरभ की मां और भाई ने नम आंखों से सामान समेटा।
मुस्कान-साहिल को अलग जेल में शिफ्ट करने की मांग।
जागरण संवाददाता, मेरठ। सौरभ राजपूत हत्याकांड में लंबे समय से बंद मुस्कान के किराये के मकान का ताला ब्रह्मपुरी पुलिस की मौजूदगी में खोला गया। पुलिस ने ईंटों से मुख्य गेट और फिर घर के अंदर जाने वाले दरवाजे का ताला तोड़ा।
गुरुवार को मकान खुलते ही सौरभ की मां रेणू देवी और बड़े भाई राहुल उर्फ बबलू की आंखें नम हो गईं। घर में बिखरे सौरभ के कपड़े और सामान ने परिवार को एक बार फिर उस दर्दनाक घटना की याद दिला दी। परिजन सौरभ का सामान अपने साथ ले गए, जबकि मुस्कान और बेटी पीहू के कपड़े व खिलौनों को वहीं छोड़ दिया।
मकान खोलने के दौरान सौरभ की मां रेणू देवी, बड़े भाई राहुल और मकान मालिक ओमपाल सिंह मौजूद रहे। पुलिस ने मकान के अंदर रखे सामान की सूची तैयार कर उसे राहुल को सौंप दिया। सामान का पूरा विवरण पुलिस की जनरल डायरी (जीडी) में भी दर्ज किया जाएगा।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि मकान लंबे समय से बंद था। इस दौरान चूहों ने कपड़े, गद्दे और अन्य सामान कुतर दिया। घर में जगह-जगह कपड़े, जूते और अन्य सामान बिखरा मिला। बाथरूम में सौरभ की बनियान टंगी थी, जबकि कमरे में बेटी पीहू की किताबें और खिलौने पड़े थे। उन्हें भी चूहों ने कुतर दिया था।
सौरभ का सामान ले गए परिजन, पीहू के खिलौने छोड़े
परिजन मकान से सौरभ के कपड़े, बैग, फर्नीचर, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक सामान समेत अन्य वस्तुएं ले गए। इनमें मिक्सी, गैस, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, प्रेस, स्पीकर, टीवी, लकड़ी की अलमारी, पलंग, दो गद्दे, सिंगल बेड, कपड़ों का स्टैंड, ट्रॉली बैग, जूते, पंखा, पर्दे, रूम हीटर, इन्वर्टर, बैटरी, मोबाइल चार्जर, स्टील का ड्रम और अन्य बर्तन शामिल हैं।
सौरभ का मोबाइल, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, चांदी के बिछुए, पायल, सोने का एक लॉकेट और 14,500 रुपये नकद भी परिजन अपने साथ ले गए। मुस्कान और पीहू के कपड़े व खिलौने मकान में ही छोड़ दिए गए।
17 मार्च 2025 से सील था मकान
सौरभ राजपूत अपनी पत्नी मुस्कान व बेटी के साथ ब्रह्मपुरी निवासी ओमपाल सिंह के मकान में रहते थे। ओमपाल सिंह ने करीब साढ़े तीन साल पहले सौरभ और मुस्कान को 3500 रुपये महीना किराये पर मकान दिया था। मार्च 2025 तक मकान का किराया बढ़कर आठ हजार रुपये हो गया था।
सौरभ हर महीने लंदन से ओमपाल के खाते में किराये की रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करते थे। मकान के एक हिस्से में सौरभ-मुस्कान अपनी बेटी पीहू के साथ रहते थे। यहां तीन मार्च-2025 को साहिल और मुस्कान ने सौरभ के शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में रखकर सीमेंट में जमा दिए थे। इस इस वारदात के बाद 17 मार्च 2025 से मकान सील था।
रेणू देवी के साथ जेल पहुंचीं कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित
सौरभ राजपूत हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा पा चुके मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला जिला कारागार में बंद हैं। गुरुवार को कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित सौरभ की मां रेणू देवी के साथ चौधरी चरण सिंह जिला कारागार पहुंचीं। यहां उन्होंने वरिष्ठ जेल अधीक्षक डा. वीरेश राज शर्मा से मुलाकात कर मुस्कान और साहिल को अलग-अलग जेलों में शिफ्ट करने की मांग की।
सौरभ की मां रेणू देवी ने आरोप लगाया कि मुस्कान और साहिल के परिवार के लोग एकजुट होकर उन्हें जान से मारने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बड़े बेटे राहुल उर्फ बबलू का हादसा कराने का भी आरोप लगाया। उनके मुताबिक, हादसे में राहुल को काफी चोटें आई हैं। पूनम पंडित ने कहा कि वह सजा बरकरार रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक अपील करेंगी।
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