सजा से पहले मुस्कान और साहिल को मिलेगा एक घंटे का समय, वकील बोले- फांसी से बचने का एक ही मौका
सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी मुस्कान और साहिल को 14 अक्टूबर को सजा सुनाए जाने से पहले अपना पक्ष रखने के लिए एक घंटे का समय मिलेगा।

HighLights
14 अक्टूबर को सौरभ राजपूत हत्याकांड में सजा का ऐलान होगा।
दोषी मुस्कान और साहिल को सजा से पहले मिलेगा एक घंटा।
मानवीय आधार पर सजा में कमी की अपील की जाएगी।
जागरण संवाददाता, मेरठ। चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में 13 दिन बाद निर्णय सुनाया जाएगा। 14 अक्टूबर को सजा सुनाने से पहले जिला जज अरविंद कुमार मिश्र के समक्ष साहिल और मुस्कान अपना पक्ष रख सकते हैं, मानवीय आधार पर उनकी सजा में कमी संभव है। अदालत ने पर्याप्त सबूतों के आधार पर दोनों को दोषी करार दिया है।
डीजीसी केके चौबे ने बताया कि हत्या से एक साल पहले सौरभ ने मुस्कान से तलाक लेने के लिए संपर्क किया था। इस तथ्य को सुनवाई में शामिल किया गया है। तर्क दिया गया कि सौरभ पहले से ही मुस्कान से तलाक लेना चाहता था और वह तलाक के बाद भी साहिल के पास रह सकती थी। इसके बावजूद, मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ की हत्या की।
11 साल पहले की थी लव मैरिज
11 साल पहले ब्रह्मपुरी के इंद्रानगर निवासी सौरभ राजपूत ने गौरीपुरा निवासी मुस्कान रस्तोगी से 2016 में प्रेम विवाह किया किया। 2019 में परिवारिक विवाद के चलते सौरभ और मुस्कान अलग-अलग हो गए। इसी वर्ष मुस्कान ने बेटी पीहू को जन्म दिया। इसी बीच स्कूल के सहपाठी इंद्रानगर निवासी साहिल शुक्ला से शापरिक्स माल पर मुस्कान की मुलाकात हुई।
सौरभ के विदेश जाने के बाद मुस्कान और साहिल आपस में करीब आ गए। सौरभ के विदेश से लौटने के बाद 24 फरवरी 2025 को मुस्कान और साहिल ने उसकी हत्या की पटकथा लिख दी। तीन मार्च की रात को दोनों ने मिलकर सौरभ को सब्जी में नशीला लिक्विड दिया। उसके बाद चाकू से दिल और गर्दन पर वारकर हत्या की।
उसके शरीर के चार टुकड़े कर शव को नीले ड्रम में सीमेंट डालकर जमा दिया। उसके बाद दोनों ही हिमाचल घूमने चले गए। वहां से 17 मार्च को लौटने के बाद 18 मार्च को घटना का पर्दाफाश हुआ और 19 मार्च को साहिल और मुस्कान को पकड़कर पुलिस ने जेल भेज दिया।
577 दिन बाद दोनों दोषी करार
दोनों की निशानदेही पर ही साैरभ का शव ड्रम के अंदर से निकाला गया। पुलिस ने मुकदमे में आरोप पत्र दाखिल किया और मुकदमा ट्रायल पर आने के 577 दिन बाद दोनों को दोषी करार दे दिया गया। डीजीसी केके चौबे ने बताया कि पर्याप्त सबूत के आधार पर दोनों को फांसी की सजा देने की मांग की जाएगी।
उन्हाेंने बताया कि 14 अक्टूबर को सुनवाई से एक घंटे पहले साहिल और मुस्कान का पक्ष रखने के लिए उनके अधिवक्ता को बुलाया जाएगा। मानवीय आधार को देखते हुए उनकी सजा पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। क्योंकि पर्याप्त सबूत के आधार पर दोनों को दोषी करार दिया जा चुका है।
रात एक रोटी और सुबह नाश्ते से किया इनकार
दोषी करार मिलने के बाद मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला जेल में पूरी तरह से सहमे हुए हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि रात को मुस्कान और साहिल ने एक-एक रोटी खाई थी। सुबह नाश्ता नहीं किया है। बेटी को देखते हुए मुस्कान सुंदरकांड का पाठ भी कर रही है।
आनलाइन दोषी करार देते समय ही दोनों जिला जज के सामने भी कुछ बोल नहीं पाए। उसके बाद से दोनों पूरी तरह से मानसिक दबाव में है। उनकी काउंसलिंग के लिए मनोचिकित्सक को बुलाया जा रहा है।
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