फांसी पाने वाली पहली महिला होगी मुस्कान, मेरठ में पहली बार दी गई महिला दोषी को फांसी की सजा
मेरठ में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाई गई है, जिसमें मुस्कान मेरठ जेल में फांसी पाने वाली पहली महिला होगी।

HighLights
मुस्कान और साहिल को मेरठ में फांसी की सजा।
मुस्कान मेरठ जेल में फांसी पाने वाली पहली महिला।
फैसले की पुष्टि में दो से तीन साल लगेंगे।
जागरण संवाददाता, मेरठ। मुस्कान-साहिल को फांसी की सजा सुनाने वाले जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा-II का जन्म दो जुलाई 1971 को मऊ में हुआ था। उन्होंने बीए, एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई की। 31 मई, 2003 को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के रूप में न्यायिक सेवा शुरू की।
करीब 23 साल के न्यायिक अनुभव में वह गाजीपुर, अलीगढ़, गोरखपुर, कानपुर और मिर्जापुर समेत कई जिलों में तैनात रहे। नवंबर, 2024 में वह मिर्जापुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश बने। 21 मई, 2026 से मेरठ में तैनात हैं।
फांसी की सजा पर अंतिम फैसला कई चरणों के बाद
जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) केके चौबे ने बताया कि निर्णय करीब एक सप्ताह बाद पुष्टि के लिए हाईकोर्ट भेजा जाएगा। हाईकोर्ट ने फांसी की सजा की पुष्टि की तो मामला सुप्रीम कोर्ट जाएगा। वहां पुष्टि के बाद फाइल राष्ट्रपति के पास भेजी जाएगी।
राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने पर दोनों की फांसी की तारीख तय होगी और फिर सजा दी जाएगी। इस प्रक्रिया में दो से तीन साल लग सकते हैं। मुस्कान और साहिल की फांसी की सजा हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में रद भी हो सकती है। राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका देकर फांसी से माफी भी मिल सकती है।
1975 के बाद मेरठ जेल में नहीं हुई फांसी
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डाॅ. वीरेश राज शर्मा के अनुसार, चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में आखिरी बार 1975 में मुजफ्फरनगर के करम सिंह को फांसी दी गई थी। इसके बाद मेरठ जेल में किसी को फांसी नहीं दी गई। अब साहिल और मुस्कान को फांसी की सजा सुनाई गई है।
यदि दोनों को फांसी दी जाती है, तो साहिल मेरठ जेल में फांसी पाने वाला दूसरा पुरुष होगा, जबकि मुस्कान वहां फांसी पाने वाली पहली महिला होगी। 2014 में यहां निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली को फांसी दिए जाने की तैयारी की गई थी।
मेरठ में महिला को पहली बार दी गई फांसी की सजा
मेरठ में किसी महिला को पहली बार फांसी की सजा दी गई है। हालांकि, मेरठ में फांसी का यह दूसरा मामला है। साल 2003 में मेरठ में एक हत्याकांड में फांसी की सजा सुनाई गई थी।
