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सिपाहियों की मिलीभगत से साजिद पिस्टल ने खड़ा किया नेटवर्क, वेस्ट यूपी और NCR में सप्लाई करता था कारतूस

Published: Fri, 09 Oct 2026 10:53 AM (IST)

हिस्ट्रीशीटर साजिद पिस्टल ने दो सिपाहियों की मदद से नोटों की ठगी और कारतूस सप्लाई का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था, जो वेस्ट यूपी और एनसीआर में सक्रिय था।

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HighLights

  1. हिस्ट्रीशीटर साजिद पिस्टल ने सिपाहियों संग बनाया बड़ा नेटवर्क।

  2. नोटों की ठगी और कारतूस सप्लाई में था गिरोह सक्रिय।

  3. दो सिपाही निलंबित, पांच आरोपी जेल भेजे गए।

जागरण संवाददाता, मेरठ। भावनपुर में हिस्ट्रीशीटर साजिद पिस्टल ने दो सिपाहियों की मदद से बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था। इस नेटवर्क के जरिए नोटों से ठगी और कारतूस की सप्लाई की जाती थी। लंबे समय से सक्रिय इस नेटवर्क को भावनपुर पुलिस तोड़ नहीं पाई, क्योंकि थाने के ही दो सिपाही गिरोह के साथ काम कर रहे थे। इसके एवज उन्हें हिस्सा मिलता था।

इंस्पेक्टर प्रताप सिंह के मुताबिक, गिरोह से जुड़े कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है। मोबाइल फोन के जरिए उनकी जानकारी मिल चुकी है। नेटवर्क से जुड़े सभी आरोपित पूर्व में जेल जा चुके हैं। आरोपितों की थाना स्तर से निगरानी कराई जाती तो पहले ही उक्त नेटवर्क को तोड़ा जा सकता था।

सहारनपुर से खरीदी थी 50 कारतूस की खेप

आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि कारतूस की खेप एक साल पहले सहारनपुर से खरीदी थी। 46 कारतूस बरामद हुए, दो फायर कर दिए। दो कारतूस की रिकवरी बाकी है। राशिद उर्फ मंत्री के खिलाफ भावनपुर थाने में 2018 में लूट का मुकदमा है। मेडिकल थाने से गत वर्ष भी पिस्टल बरामद होने पर राशिद जेल गया था। कार्तिक पर मेडिकल और भावनपुर में जबकि अर्जुन व विशाल पर भावनपुर में मुकदमे दर्ज है। दोनों सिपाहियों के सहयोग से यह गैंग नकली नोटों के संग हथियार और कारतूस की तस्करी कर रहा था।

कई थाना प्रभारियों से थी साजिद पिस्टल की दोस्ती

भावनपुर में रह चुके कई थाना प्रभारियों से साजिद पिस्टल की दोस्ती थी। थाने के हर काम में साजिद की मदद ली जाती थी। यही कारण था कि छह माह पहले ही भावनपुर में तैनाती पा चुके सिपाही आशीष और प्रश्नचित्त भी साजिद पिस्टल के झांसे में आकर अपराध की दुनिया में प्रवेश कर गए। प्रकरण की जांच सीओ सदर देहात सुधीर कुमार कर रहे हैं।

साजिद कई सिपाहियों का उठाता था खर्च

जांच में सामने आया कि जेल से छूटने के बाद हिस्ट्रीशीटर साजिद थाने के कई पुलिसकर्मियों के संपर्क में था। सिपाहियों को मौज मस्ती कराना और उनका पूरा खर्च भी उठाता था। यही कारण था कि दोनों सिपाही हिस्ट्रीशीटर साजिद के झांसे में आकर लूटपाट तक करने लगे थे। एसएसपी ने दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर सीओ से रिपोर्ट मांगी है।

थाना प्रभारी प्रताप सिंह ने दोनों सिपाही समेत पांच आरोपितों को जेल भेज दिया। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया। विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। सीओ सदर देहात से पूरे प्रकरण पर रिपोर्ट मांगी है। देखा जा रहा है कि दोनों सिपाही कब से हिस्ट्रीशीटर के संपर्क में थे।

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